Shahabad News: हिमाचल प्रदेश के कालाअंब और नाहन के पहाड़ी इलाकों में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश का सीधा असर कुरुक्षेत्र के शाहाबाद उपमंडल में देखने को मिल रहा है। पहाड़ों से उतरते पानी के भारी प्रवाह के कारण मारकंडा नदी अचानक उफान पर आ गई। बुधवार तड़के 3 बजे मारकंडा में जलस्तर उछलकर लगभग 14 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि तटीय कठवा गांव की मुख्य सड़क से लेकर आसपास के कृषि खेतों तक पानी फैल गया।
जलस्तर में आई गिरावट, लेकिन मंडरा रहा खतरा
सिंचाई विभाग के गेज रीडर रविंद्र के अनुसार, हालांकि अब मारकंडा के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की जा रही है और यह घटकर 10,134 क्यूसेक के आसपास बह रहा है। अंबाला के मुलाना क्षेत्र में भी 17 हजार क्यूसेक के करीब पानी का बहाव बना हुआ है। राहत की बात यह है कि हिमाचल के कालाअंब में फिलहाल बारिश रुक गई है और वहां नदी का प्रवाह 6 हजार क्यूसेक रह गया है। इसके बावजूद कठवा और आसपास के इलाकों के लिए खतरा पूरी तरह टला नहीं है, क्योंकि पहाड़ों से चला पानी अभी भी निचले इलाकों में जमा हो रहा है।
प्रशासन और सिंचाई विभाग अलर्ट, ग्रामीणों को नदी से दूर रहने की सलाह
मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी तरह सतर्क मोड में आ गए हैं। कालाअंब में तैनात गेज रीडर कश्मीरा ने स्पष्ट किया कि यदि ऊपरी पहाड़ी इलाकों में दोबारा तेज बारिश होती है, तो मारकंडा नदी का जलस्तर पलक झपकते ही फिर से बढ़ सकता है। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने सभी जलस्तर माप केंद्रों पर अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने के कड़े आदेश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने मुनादी करवाकर तटीय गांवों के लोगों और पशुपालकों को मारकंडा नदी के नजदीक न जाने की हिदायत दी है।
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