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सुखना की लहरों पर कैडेटों ने सीखे नौकायन के गुर, 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न

Sukhna Lake Sailing Training

नाव चलाने से लेकर जल सुरक्षा तक

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VVinita Kohliकंटेंट क्रेडिट: जगमार्ग रिपोर्टर, मयंक मिश्रा

Sukhna Lake Sailing Training: चंडीगढ़ की सुखना लेक पर एनसीसी कैडेटों ने नौकायन के साथ जल सुरक्षा और टीम के साथ तालमेल बैठाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण हासिल किया। 1 चंडीगढ़ नेवल यूनिट एनसीसी की ओर से 19 अक्टूबर से आयोजित 10 दिवसीय प्री-याटिंग रेगाटा प्रशिक्षण शिविर बुधवार को संपन्न हो गया। इस शिविर में कैडेटों को आगामी रेगाटा प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के साथ पानी में सुरक्षित तरीके से नौकायन करने की तकनीक सिखाई गई। शिविर का आयोजन कमांडिंग ऑफिसर कमांडर गौरव के मार्गदर्शन में किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य कैडेटों को केवल नौकायन की तकनीकी जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें जल आधारित गतिविधियों के दौरान आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाना भी था।

10 दिनों तक चले प्रशिक्षण के दौरान कैडेटों ने सुखना लेक में नौकायन और विभिन्न जल आधारित गतिविधियों में हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान उन्हें नाव चलाने की तकनीक, पानी में संतुलन बनाए रखने और नौकायन करते समय जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने कैडेटों को जल सुरक्षा से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं के बारे में भी बताया। पानी में किसी भी गतिविधि के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। ऐसे में कैडेटों को परिस्थितियों के अनुसार सतर्क रहने और सही तरीके से प्रतिक्रिया देने का अभ्यास कराया गया।

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टीमवर्क और तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर रहा जोर

प्रशिक्षण शिविर में कैडेटों की व्यक्तिगत क्षमता के साथ सामूहिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया। नौकायन के दौरान नाव पर सवार सभी सदस्यों के बीच तालमेल जरूरी होता है। छोटी सी चूक भी नाव के संतुलन और उसकी दिशा को प्रभावित कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभ्यास के माध्यम से कैडेटों की तकनीकी दक्षता, आपसी समन्वय और टीम के रूप में काम करने की क्षमता को निखारा गया। शिविर में मिले अनुभव से कैडेटों को आगामी रेगाटा प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी का अवसर मिला।

शिविर के समापन पर कैंप कमांडेंट ने कैडेटों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नौकायन में केवल तकनीकी कौशल होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनुशासन, धैर्य, समर्पण और टीम भावना भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने जल गतिविधियों के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप सही निर्णय लेने पर विशेष जोर दिया। उनके मुताबिक, नौकायन जैसे खेलों में अभ्यास के साथ सतर्कता और सामूहिक जिम्मेदारी भी अहम भूमिका निभाती है। कैंप कमांडेंट ने कैडेटों को शिविर के दौरान सीखे गए कौशल का आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने एनसीसी के मूल्यों और आदर्शों को बनाए रखने का संदेश भी दिया।

10 दिवसीय शिविर के समापन के साथ कैडेटों का गहन प्रशिक्षण पूरा हो गया। इस दौरान उन्होंने नौकायन की तकनीकी जानकारी हासिल करने के साथ पानी में व्यावहारिक अभ्यास का अनुभव भी प्राप्त किया। शिविर ने कैडेटों को अनुशासन और टीमवर्क के साथ काम करने का अवसर दिया। नौकायन जैसी गतिविधियों में हर सदस्य की भूमिका अहम होती है, इसलिए आपसी तालमेल और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता भी विकसित होती है। प्रशिक्षण से कैडेटों के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने में मदद मिली, जो आगामी रेगाटा प्रतियोगिताओं के साथ एनसीसी की अन्य गतिविधियों में भी उनके काम आएगी।

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