Sultanpur Court: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में सोमवार को कानूनी राहत मिली। सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने मामले में उन्हें बरी कर दिया। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। यह मामला 8 मई 2018 को बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए उनके बयान से जुड़ा है। अदालत का फैसला आने के बाद कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए। राहुल गांधी सोमवार सुबह दिल्ली से लखनऊ पहुंचे थे। लखनऊ एयरपोर्ट से वह सड़क मार्ग के जरिए सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए। रास्ते में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर उनके काफिले की पांच गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिनमें एक एंबुलेंस भी शामिल थी। इस हादसे में राहुल गांधी सुरक्षित रहे और बाद में वह अपनी पेशी के लिए सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA कोर्ट पहुंचे।
राहुल गांधी को मानहानि मामले में बरी किए जाने की खबर सामने आते ही सुल्तानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। कोर्ट के बाहर कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर डांस किया और आतिशबाजी की। इस दौरान राहुल गांधी के समर्थन में नारे भी लगाए गए। अदालत में फैसले के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की नजर मामले की सुनवाई पर टिकी हुई थी। फैसला आने के बाद समर्थकों ने इसे राहुल गांधी के लिए कानूनी राहत के तौर पर देखा और अपनी खुशी जाहिर की। हालांकि, मामले में अदालत के आदेश का विस्तृत आधार जानने के लिए फैसले की प्रति देखना जरूरी है। राहुल गांधी की पेशी को देखते हुए सुबह से ही अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल तैनात रहा और परिसर में आने-जाने वालों की आवाजाही पर निगरानी रखी गई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत फरियादियों को भी कतार में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
अगस्त 2018 में भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दर्ज कराया था केस
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा की शिकायत पर दर्ज हुआ था। विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा कराया था। शिकायत का संबंध राहुल गांधी के उस बयान से है, जो उन्होंने 8 मई 2018 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने कहा था, ‘जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसके अध्यक्ष पर हत्या का आरोप है।’ इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू हुई थी। मामला अदालत में पहुंचने के बाद इसकी सुनवाई सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA कोर्ट में चली। यह मुकदमा राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रहा, क्योंकि इसमें राहुल गांधी के बयान और भाजपा नेता की शिकायत को लेकर कानूनी कार्यवाही हुई। सोमवार को अदालत ने राहुल गांधी को इस मामले में बरी कर दिया। फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अदालत के बाहर जश्न मनाया।
राहुल गांधी के सुल्तानपुर पहुंचने से पहले ही अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। विशेष MP-MLA कोर्ट के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए फरियादियों को परिसर के बाहर कतार में खड़ा किया गया और प्रवेश के दौरान अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। राहुल गांधी सुबह 11:12 बजे सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA कोर्ट पहुंचे थे। वह दिल्ली से लखनऊ आने के बाद सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए थे। उनके आगमन को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता भी रास्ते में मौजूद थे। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कूरेभार के पास कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के स्वागत के लिए खड़े थे। इस दौरान पूर्व मंत्री ओपी सिंह के करीब 400 गाड़ियों और 4 हजार लोगों के साथ पहुंचने की जानकारी भी सामने आई। राहुल गांधी की पेशी के कारण सुल्तानपुर में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं और अदालत परिसर के बाहर समर्थकों की मौजूदगी चर्चा में रही।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर राहुल गांधी के काफिले की पांच गाड़ियां टकराईं
सुल्तानपुर पहुंचने से पहले सोमवार सुबह राहुल गांधी के काफिले के साथ सड़क हादसा भी हुआ। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कूरेभार के पास 89.5 माइलस्टोन पर काफिले की पांच गाड़ियां आपस में टकरा गईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तेज रफ्तार में अचानक ब्रेक लगाने के कारण यह दुर्घटना हुई। टकराने वाले वाहनों में एक एंबुलेंस भी शामिल थी। हादसे के बाद कुछ लोगों को हल्की चोटें आने की जानकारी सामने आई, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घायल होने की भी खबर थी। राहुल गांधी इस दुर्घटना में सुरक्षित रहे और अपनी अदालत में पेशी के लिए आगे रवाना हुए। काफिले की गाड़ियों की टक्कर की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थकों के बीच भी घटना को लेकर चर्चा रही। हालांकि, राहुल गांधी को कोई चोट नहीं आई और वह अदालत पहुंचे। इसके बाद मानहानि मामले में सुनवाई हुई और कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
सुनवाई से पहले राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने कहा था कि मुकदमा MP-MLA कोर्ट में निर्णय के लिए लगा है। उन्होंने कहा कि काफी इंतजार के बाद यह घड़ी आई है और उन्हें पूरा भरोसा है कि राहुल गांधी को न्याय मिलेगा तथा वह बाइज्जत बरी होंगे। सोमवार को अदालत के फैसले के बाद राहुल गांधी को इस मामले में राहत मिली। कोर्ट के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और नारों के जरिए अपनी खुशी जाहिर की। यह मामला अगस्त 2018 में दर्ज शिकायत से शुरू हुआ था और अब अदालत ने राहुल गांधी को बरी कर दिया है। फिलहाल, फैसले के विस्तृत कानूनी आधार और आदेश में दर्ज टिप्पणियों की जानकारी के लिए अदालत के लिखित आदेश का अवलोकन जरूरी है। मामले से जुड़ी आगे की किसी कानूनी कार्यवाही की जानकारी भी आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही दी जानी चाहिए।
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