Narnaul Religus News: राधा कृष्ण प्रभात फेरी संगठन नारनौल की 188वीं प्रभात फेरी शिवकुंड ढोसी धाम पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य रूप से आयोजित की गई। सावन के अंतिम रविवार को प्रातः 6 बजे आयोजित इस प्रभात फेरी में नारनौल सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों वाहनों में हजारों श्रद्धालु ढोसी धाम पहुंचे।
इस प्रभात फेरी की विशेष बात यह रही कि इसके यजमान कोई व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि राधा रानी, ठाकुर जी और पूरा राधा कृष्ण प्रभात फेरी संगठन परिवार रहा। प्रभात फेरी का भव्य स्वरूप देखते ही बन रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं ठाकुर जी अपने भक्तों के साथ गाजे-बाजे की धुन पर नृत्य करते हुए चल रहे हों। कोई भक्त झूमकर नाच रहा था, कोई फूलों की वर्षा कर रहा था तो कोई श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसाद की सेवा में जुटा हुआ था।
छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस भव्य धार्मिक आयोजन का आनंद लिया। श्रद्धालुओं के हाथों में झांझ, मंजीरे, ढोलक, ढपली और निशान तथा मुख पर राधा रानी का नाम था। भक्ति, संगीत और श्रद्धा का यह अनूठा संगम पूरे ढोसी धाम को भक्तिमय बना रहा था। ढोसी धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का चंदन तिलक लगाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इसके बाद श्रद्धालु हाथों में निशान लेकर भगवान का स्मरण करते हुए शिवकुंड की चढ़ाई चढ़े। ठाकुर जी की अगुवाई में राधे-राधे के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं का यह दृश्य अत्यंत मनोहारी और भावविभोर करने वाला रहा।
शिवकुंड पहुंचकर श्रद्धालुओं ने कुंड की परिक्रमा की तथा मंदिर में दर्शन किए। इसके पश्चात संगठन की ओर से आयोजित भोजन-प्रसाद एवं सेवा व्यवस्था का श्रद्धालुओं ने लाभ लिया। कार्यक्रम के अंत में आगामी प्रभात फेरी की सूचना मोहल्ला चौधरियान स्थित अनूप चौधरी के निवास स्थान पर दी गई। संगठन परिवार ने सभी श्रद्धालुओं का आयोजन में सहभागिता और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
सावन के अंतिम रविवार पर आयोजित 188वीं प्रभात फेरी ने नारनौल की धार्मिक एवं सामाजिक एकता की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और प्रेम का संदेश दिया।
नारनौल के ऐतिहासिक ढोसी धाम में गूंजा राधे-राधे का जयघोष

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