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UPI Payment: UPI से पैसे कट गए और पेमेंट पेंडिंग? जानें कब और कैसे वापस आएगा आपका पैसा

UPI Payment: UPI से पैसे कट गए और पेमेंट पेंडिंग? जानें कब और कैसे वापस आएगा आपका पैसा

UPI से पैसे कट गए और पेमेंट पेंडिंग?

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GGaganpreet Kaur

UPI Payment: डिजिटल भारत के इस दौर में चाय की टपरी से लेकर बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल्स तक, यूपीआई पेमेंट हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन कई बार जल्दबाजी में क्यूआर कोड स्कैन करके पैसे भेजने के बाद स्क्रीन पर लाल या पीले रंग का ‘पेमेंट पेंडिंग’ (Payment Pending) लिखा आ जाता है। खाते से पैसे तो कट जाते हैं, लेकिन सामने वाले व्यापारी या व्यक्ति के पास नहीं पहुंचते। ऐसी स्थिति में अक्सर लोग पैनिक हो जाते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों और एनपीसीआई (NPCI) का कहना है कि इसमें घबराने की कोई बात नहीं होती।

क्यों अटकता है यूपीआई ट्रांजैक्शन?

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यूपीआई पेमेंट अटकने के पीछे आमतौर पर आपके मोबाइल का कमजोर इंटरनेट कनेक्शन, बैंक सर्वर पर अत्यधिक ट्रैफिक या संबंधित बैंक की रूटीन सिस्टम मेंटेनेंस जैसी वजहें होती हैं। कई बार सर्वर रिस्पॉन्स टाइमआउट होने के कारण भी बैंकिंग नेटवर्क के बीच ट्रांजैक्शन अधूरा रह जाता है। इसके अलावा गलत यूपीआई पिन दर्ज करने या किसी बैंक के सर्वर आउटेज के कारण भी ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है।

पैसा कब और कैसे वापस आता है?

यदि आपके खाते से पैसे कट चुके हैं और पेमेंट पेंडिंग दिखा रहा है, तो तुरंत रिफंड आए—यह जरूरी नहीं है। एनपीसीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में बैंकिंग नेटवर्क थोड़ा समय लेता है और आमतौर पर कुछ मिनटों से लेकर 24 घंटे के भीतर पेमेंट का अंतिम स्टेटस (सफल या फेल) अपडेट हो जाता है।

अगर ट्रांजैक्शन फेल घोषित होता है, तो रिफंड की प्रक्रिया स्वतः (ऑटोमैटिक) शुरू हो जाती है और कटा हुआ पैसा उसी बैंक अकाउंट में जमा हो जाता है, जिससे वह कटा था। इसके लिए आपको किसी व्यक्ति को कॉल करने या किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती।

लंबे समय तक रिफंड न मिले तो क्या करें?

यदि 24 से 48 घंटे बीत जाने के बाद भी कटा हुआ पैसा आपके खाते में वापस न आए, तो सबसे पहले अपने यूपीआई ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm या BHIM) की ‘ट्रांजैक्शन हिस्ट्री’ (Transaction History) में जाएं। वहां संबंधित पेंडिंग या फेल्ड पेमेंट को चुनें और ‘Raise Issue’ या ‘Help/Complaint’ का विकल्प चुनकर शिकायत दर्ज कराएं।

अगर ऐप के जरिए समस्या हल नहीं होती, तो आप सीधे अपने बैंक की निकटतम शाखा या कस्टमर केयर टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर (UTR) के साथ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

दोबारा भुगतान करने से पहले बरतें यह सावधानी

अक्सर देखने में आता है कि पेमेंट पेंडिंग दिखते ही लोग घबराकर तुरंत दूसरा भुगतान कर देते हैं। ऐसा करना भारी पड़ सकता है, क्योंकि बाद में पहला अटका हुआ ट्रांजैक्शन भी सफल हो सकता है। इससे सामने वाले व्यक्ति को दो बार पैसे चले जाएंगे।

यदि दूसरा भुगतान करना बहुत जरूरी हो, तो पहले दुकानदार या संबंधित व्यक्ति से साफ कह दें कि यदि पिछला अटका हुआ ट्रांजैक्शन सफल हो जाता है, तो वे अतिरिक्त राशि वापस लौटा देंगे। हमेशा पहले ट्रांजैक्शन का स्टेटस साफ होने का इंतजार करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

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