World Pasta Day: जब भी कभी कुछ झटपट और मजेदार खाने का मन होता है, तो सबसे पहले दिमाग में क्या आता है? मैगी के बाद अगर कोई नाम हमारी जुबान पर सबसे तेजी से चढ़ता है, तो वह है—पास्ता! (Desi Masala Pasta Recipe) वर्ल्ड पास्ता डे के मौके पर यह सोचना वाकई दिलचस्प लगता है कि आखिर इटली के किसी कोने में पैदा हुआ मैदे और सूजी का यह छोटा सा व्यंजन, हमारी देसी थाली और स्कूल के टिफिन बॉक्स का इतना पक्का यार कैसे बन गया।
जरा उस दौर को याद कीजिए जब हमारे लिए मैक्रोनी का मतलब सिर्फ वो छोटे-छोटे गोल पाइप हुआ करते थे, जिन्हें हमारी मम्मी कभी-कभार हल्दी, प्याज और टमाटर डालकर बिल्कुल सूखी मैगी की तरह छौंक दिया करती थीं। तब हमें दूर-दूर तक इस बात का इल्म नहीं था कि इटली में इसे किस शान और करीने से पकाया जाता है। हमारे लिए वह एक नया विदेशी मेहमान था, जिसे हमने अपनी रसोई के देसी मसालों की चाशनी में ऐसा लपेटा कि वह हमेशा के लिए हमारा ही होकर रह गया।
जब विदेशी पास्ता से हुई पहली मुलाकात
वक्त बदला, दुनिया सिमटी और ग्लोबलाइजेशन के दौर ने शहर-शहर में पिज्जा-पास्ता के कैफे खोल दिए। लोग सिर्फ पेट भरने नहीं, बल्कि एक नया फूड एक्सपीरियंस तलाशने निकले। तभी हमारी मुलाकात असली इटालियन व्हाइट सॉस और रेड सॉस से हुई। (Tandoori Pasta Fusion) शुरुआत में यह स्वाद थोड़ा অচंभित जरूर करने वाला था, क्योंकि हमारी जीभ को तो चटपटे और तीखे मसालों की आदत थी। लेकिन क्रीमी मक्खन, चीज के जादू और हर्ब्स की महक ने धीरे-धीरे हर उम्र के लोगों को अपना दीवाना बना लिया।
भला भारतीय इंसान बिना मिर्च-मसाले के लंबे समय तक कहां मान सकता है? हमने इटली के उस पारंपरिक पास्ता को अपनी रसोई में बुलाया और उस पर जोरदार देसी तड़का जड़ दिया। फिर क्या था, जन्म हुआ हमारे अपने चहेते ‘इंडियन मसाला पास्ता’ और ‘तंदूरी पास्ता’ का!
टिफिन से लेकर फाइव-स्टार होटलों तक छाया देसी फ्यूजन
अब ओरिगैनो और चिली फ्लेक्स के साथ-साथ गरम मसाला, कसूरी मेथी और अदरक-लहसुन का पेस्ट भी पास्ता की प्लेट में शान से दिखने लगा। शिमला मिर्च, गाजर और कॉर्न के साथ जब पनीर के टुकड़े और लाल मिर्च का छौंक लगा, तो पास्ता ने इटली की सरहदें पार करके सीधे हमारे मोहल्ले की किटी पार्टियों और बच्चों के टिफिन पर कब्जा कर लिया।
आज आलम यह है कि बड़े-बड़े फाइव स्टार होटल हों या नुक्कड़ पर खड़ा कोई फूड ट्रक, पास्ता का यह देसी अवतार हर जगह धूम मचा रहा है। आजकल के शेफ व्हाइट सॉस में मखनी ग्रेवी का गजब का टच देकर ‘मखनी पास्ता’ परोस रहे हैं, (History of Pasta in India) तो कोई तंदूरी सॉस के साथ पास्ता को भूनकर नया स्वाद दे रहा है। यह इस बात का सबसे बड़ा सुबूत है कि जब दो अलग-अलग संस्कृतियां मिलती हैं, तो स्वाद का एक ऐसा नया आसमान बनता है, जो न सिर्फ दिल को छू लेता है, बल्कि पेट को भी पूरी तरह तृप्त कर देता है।
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