Uttarakhand Helicopter Crash: उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के निकट हुए हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के शवों को दुर्गम पहाड़ी इलाके से निकालने के लिए शनिवार सुबह से बड़े स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), SDRF, NDRF, पुलिस, जिला प्रशासन और वन विभाग की टीमें घटनास्थल तक पहुंचकर शवों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं। हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर बदरीनाथ से कर्नाटक के श्रद्धालुओं को लेकर लौट रहा था, जब ज्योतिर्मठ के मारवाड़ी स्थित हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में दिल्ली के एक पायलट और बेंगलुरु के पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई। बाद में तलाश अभियान के दौरान सभी शव चाई गांव के पास दुर्घटनास्थल के आसपास मिले।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन सभी संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए हुए है। उनका कहना है कि बचाव दल पूरी तत्परता और तालमेल के साथ काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि सेना, ITBP, SDRF, NDRF, पुलिस, जिला प्रशासन और वन विभाग की टीमें पांडुकेश्वर की ओर से कठिन पहाड़ी रास्तों पर पैदल चढ़ाई कर घटनास्थल तक पहुंची हैं। हादसे का स्थान अत्यंत दुर्गम और ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी छह मृतकों के शवों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर जोशीमठ पहुंचाया जाए। इसके लिए अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
हादसे की जांच के आदेश, CM धामी ने जताया शोक
शुक्रवार को घटनास्थल से शव निकालने का अभियान शुरू किया गया था, लेकिन दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों ने बचाव कार्य को मुश्किल बना दिया। शाम होने के बाद अंधेरा बढ़ने से अभियान में और बाधा आई। क्षेत्र में हिमालयी भालू की सक्रियता बढ़ने के कारण सेना की सलाह पर शुक्रवार शाम शवों को निकालने का अभियान रोक दिया गया था। इसके बाद शनिवार तड़के दोबारा संयुक्त अभियान शुरू किया गया। अभियान में शामिल जवानों और कर्मियों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्र और बदलती मौसम परिस्थितियों के बीच बचाव दल को अतिरिक्त सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों की आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकसंतप्त परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की कामना की। मुख्यमंत्री ने हादसे की जांच के आदेश भी दिए हैं। जांच में दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जाएगा। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि शवों को पहले चमोली जिला मुख्यालय लाया जाएगा। इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शवों को देहरादून ले जाया जाएगा।
मौसम चेतावनी के बीच उड़ान को लेकर भी उठे सवाल
हादसे के बाद मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस मुद्दे पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ प्रतीक जैन ने कहा कि विभाग की ओर से भी एक परामर्श जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि मौसम चेतावनी के बावजूद उड़ान की अनुमति कैसे दी गई, यह फिलहाल जांच का विषय है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। हिमालयी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों से सीधे प्रभावित होता है। इस हादसे की जांच में मौसम की स्थिति, उड़ान से पहले जारी चेतावनियां और दुर्घटना के समय की परिस्थितियां अहम बिंदु हो सकते हैं।
ट्रांस भारत एवियेशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर बदरीनाथ से लौट रहा था। इसमें कर्नाटक के श्रद्धालु सवार थे। ज्योतिर्मठ के मारवाड़ी में हाथी पर्वत क्षेत्र में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में दिल्ली के पायलट समेत कुल छह लोगों की मौत हुई। अब प्रशासन और बचाव एजेंसियों की पहली प्राथमिकता सभी शवों को दुर्गम क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, जबकि दूसरी ओर हादसे के कारणों की जांच जारी रहेगी।
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