Winter Allergy: जैसे ही नवंबर का महीना अपनी ठंडक के साथ दस्तक देता है, बहुत से लोगों की सुबह लगातार छींकों और बंद नाक के साथ शुरू होती है। अगर इन दिनों आपको भी बिना किसी सर्दी-जुकाम के बार-बार छींकें आ रही हैं और आंखों में खुजली बेचैन कर रही है, तो यह साधारण जुकाम नहीं बल्कि ‘विंटर एलर्जी’ का संकेत है। यूं तो छींकना हमारे शरीर का एक नेचुरल डिफेंस मेकैनिज्म है, लेकिन सर्दियों में यह बार-बार होना और इसके साथ नाक बहना या सांस फूलना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह बेहाल कर देता है।
हवा में घुला स्मॉग और PM2.5 कण
भारत के अधिकांश हिस्सों में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही स्मॉग एक विकराल समस्या बन जाता है। इस दौरान हवा में PM2.5 का स्तर तेजी से खतरनाक श्रेणी में पहुंच जाता है। इन सूक्ष्म कणों के आकार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक इंसान के बाल की मोटाई करीब 70 माइक्रोमीटर होती है, जबकि ये कण महज 2.5 माइक्रोमीटर के होते हैं। इतने बारीक होने के कारण ये नाक के प्राकृतिक फिल्टर को पार करके सीधे हमारे फेफड़ों में उतर जाते हैं और एलर्जी की गंभीर शिकायत पैदा करते हैं।
घर के अंदर छिपे दुश्मन और तापमान का खेल
सर्दियों में ठंड से बचने के लिए हम अक्सर कमरों को पूरी तरह बंद करके हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करते हैं। इससे घर के अंदर और बाहर के तापमान में भारी अंतर आ जाता है, जो संवेदनशील श्वसन तंत्र पर असर डालता है। इसके अलावा, सर्दियों के दिनों में हम ज्यादा समय बंद घरों के भीतर बिताते हैं। ऐसे में घर के कोनों में छिपी धूल, छोटे-छोटे कीटाणु, पालतू जानवरों की रूसी और दीवारों पर पनपने वाली फफूंद (मोल्ड) एलर्जी को तेजी से भड़काती है। जिन लोगों को पहले से अस्थमा या एलर्जिक राइनाइटिस की शिकायत होती है, उनके शरीर में इस मौसम में ईोसिनोफिल का स्तर बढ़ जाता है, जिससे उनकी तकलीफ कई गुना बढ़ जाती है।
इन आसान तरीकों से करें विंटर एलर्जी से बचाव
थोड़ी सी सावधानी और जीवनशैली में बदलाव करके आप इस मौसमी परेशानी से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं:
घर की नियमित सफाई: अपने घर से धूल और सूक्ष्म कीड़ों का सफाया करने के लिए वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें। भारी पर्दे और मोटे कालीन समय-समय पर धोएं।
रद्दी और पुराने कागजों से दूरी: घर में पुराने अखबारों, पत्रिकाओं या बेकार कागजों के ढेर बिल्कुल न जमा होने दें, क्योंकि इनमें धूल सबसे ज्यादा टिकती है।
फिल्टर की सफाई: अगर आप रूम हीटर, एसी या एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उनके एयर फिल्टर को समय पर जरूर साफ करें।
नमी और फंगस रोकें: बाथरूम या सीलन वाली दीवारों पर फफूंद न जमने दें। घर में वेंटिलेशन का सही प्रबंध रखें ताकि हवा का ताजा संचार बना रहे।
खानपान और टीकाकरण: इम्युनिटी मजबूत रखने के लिए पौष्टिक आहार लें और डॉक्टर की सलाह लेकर समय पर फ्लू या निमोनिया का टीका लगवाएं।

