Gurugram Crime: साइबर सिटी गुरुग्राम की पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में हथियारों की बड़ी खेप खपाने पहुंचे एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने मध्य प्रदेश से बस में सवार होकर पहुंचे दो हथियार सप्लायरों को रंगे हाथ गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 8 अवैध पिस्टल और 16 मैगजीन बरामद की गई हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के गांव बामनाला निवासी दुर्गेश और नरेंद्र उर्फ नरेन के रूप में हुई है।
पहले पकड़े गए बदमाशों ने उगला राज: कड़ियां जोड़कर बिछाया गया जाल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे गिरोह की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब हाल ही में गुरुग्राम पुलिस ने दीपक और राहुल नाम के दो अपराधियों को दबोचा था। पुलिस कस्टडी के दौरान कड़ाई से की गई पूछताछ में उन्होंने मध्य प्रदेश के इस सप्लाई नेटवर्क का खुलासा किया।
जांच में यह साफ हुआ कि दुर्गेश और नरेंद्र ने इससे पहले भी दीपक और राहुल को 5 अवैध पिस्टल व 11 मैगजीन की खेप सप्लाई की थी। पुरानी कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने जाल बिछाया और सप्लाई देने पहुंचे इन दोनों तस्करों को धर दबोचा। इस पूरे गिरोह के कब्जे से अब तक कुल 13 अवैध पिस्टल और 27 मैगजीन जब्त की जा चुकी हैं।
बस में छुपाकर लाते थे मौत का सामान, हर डिलीवरी पर 7 हजार का कमीशन
आरोपियों से हुई प्राथमिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दोनों आरोपी पिछले करीब चार वर्षों से अवैध हथियारों की तस्करी के इस धंधे में सक्रिय हैं।
वे चेकिंग से बचने के लिए आम यात्रियों की तरह मध्य प्रदेश से सरकारी व प्राइवेट बसों में सवार होकर गुरुग्राम पहुंचते थे, ताकि दिल्ली-एनसीआर के स्थानीय बदमाशों और गैंगस्टरों को हथियारों की डिलीवरी दी जा सके। आरोपियों ने कबूला कि उन्हें प्रत्येक हथियार की सफल डिलीवरी कराने के बदले 7,000 रुपये का सीधा कमीशन मिलता था। हालांकि, इस बार डिलीवरी होने से पहले ही पुलिस की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
मध्य प्रदेश की अवैध गन फैक्ट्रियों पर पुलिस की नजर
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस अब इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुट गई है। पुलिस की एक विशेष टीम मध्य प्रदेश में उन संभावित ठिकानों और अवैध निर्माण केंद्रों (गन फैक्ट्रियों) की शिनाख्त कर रही है, जहां ये हथियार तैयार किए जाते हैं। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में उन खरीदारों और मुख्य सरगना की सूची भी तैयार की जा रही है, जिनके इशारे पर हथियारों की यह खेप मंगवाई गई थी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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