Rohtak Road Accident: हरियाणा के रोहतक जिले में बीती रात एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। रोहतक के शिमली गांव के पास झज्जर से टेंट का सामान लेकर लौट रही एक पिकअप गाड़ी का अचानक टायर पंक्चर हो गया। जब गाड़ी में सवार मजदूर सड़क किनारे उतरकर टायर बदल रहे थे, तब अंधेरे में काल बनकर आई एक तेज रफ्तार सफेद कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में उत्तर प्रदेश और रोहतक के तीन युवकों की मौके पर ही सांसें थम गईं, जबकि एक अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में संघर्ष कर रहा है।
झज्जर से लौट रहे थे टेंट हाउस के मजदूर, शिमली के पास हुआ टायर पंचर
ढाका टेंट हाउस पर पिछले एक साल से लेबर का काम करने वाले सुरज ने पुलिस को हादसे की पूरी दास्तान सुनाई। सुरज के मुताबिक, वह और उसके साथी नगेंद्र, मुकेश, भोला, अंशुल व जितिश पिकअप गाड़ी में सवार होकर झज्जर के बेरी गेट से टेंट का सामान लादकर रात करीब 11 बजे रोहतक लौट रहे थे। उस समय गाड़ी को नगेंद्र चला रहा था। जैसे ही उनकी गाड़ी रोहतक के शिमली गांव के पास पहुंची, तभी अचानक गाड़ी का टायर फट गया। सभी ने मिलकर गाड़ी रोकी और नीचे उतरकर सड़क किनारे ही टायर बदलने का काम शुरू कर दिया।
तेज रफ्तार कार ने बेरहमी से रौंदा
टायर बदला जा रहा था कि तभी पीछे से एक सफेद रंग की अनियंत्रित कार बेहद तेज रफ्तार में आई। कार ने सड़क किनारे खड़े नगेंद्र, भोला, मुकेश और अंशुल को सीधी और भयानक टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों युवक उछलकर सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में राहगीरों की मदद से सभी घायलों को रोहतक पीजीआई पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद नगेंद्र (20), भोला (28) और मुकेश (26) को मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल हुए अंशुल की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने दर्ज किया केस, फरार कार चालक की तलाश तेज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। शिवाजी कॉलोनी थाना एसएचओ राकेश ने बताया कि पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पीजीआई के डेड हाउस में रखवा दिया है। पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत पर आरोपी कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि उस तेज रफ्तार वाहन और चालक की पहचान की जा सके जिसने चार घरों के चिराग बुझा दिए।

