Yamunanagar Fraud News: यमुनानगर में रिश्तों को शर्मसार करने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां एक युवक को नीदरलैंड में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की चपत लगा दी गई। आरोपी कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित का अपना रिश्तेदार (जीजा) निकला। पीड़ित ने अपनी मेहनत की कमाई और जमा पूंजी आरोपी के हवाले कर दी, लेकिन न तो वीजा मिला और न ही रकम वापस हुई। उल्टे आरोपी ने उसका असली पासपोर्ट भी अपने पास जब्त कर लिया।
बुआ के घर रची गई ठगी की पटकथा
शिवपुरी-ए कॉलोनी के रहने वाले मनप्रीत सिंह ने पुलिस अधीक्षक को सौंपी शिकायत में अपनी आपबीती सुनाई। मनप्रीत पेशे से इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। कुछ समय पहले वह अपनी बुआ के घर गया हुआ था, जहां उसकी मुलाकात अपनी बुआ के दामाद युवराज वालिया (निवासी अमृतसर) से हुई। युवराज ने मनप्रीत को अपनी बातों में उलझाया और दावा किया कि उसके पास नीदरलैंड के वर्क वीजा की सीधी सेटिंग है। उसने मनप्रीत को विदेश में अच्छा काम दिलाने का सपना दिखाया और इसके एवज में 8.20 लाख रुपये का खर्च बताया।
नकद, चेक और पासपोर्ट… सब ऐंठ लिया
विदेश जाकर अपने और परिवार के भविष्य को संवारने की चाह में मनप्रीत ने अपनी मां से सलाह ली और प्रस्ताव के लिए हां कर दी। इसके बाद मनप्रीत ने युवराज को 5.20 लाख रुपये नकद सौंपे और बाकी के 3 लाख रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा के चेक के जरिए ट्रांसफर किए। रकम ऐंठने के साथ ही आरोपी ने कागजी प्रक्रिया का बहाना बनाकर मनप्रीत का मूल पासपोर्ट भी अपने कब्जे में ले लिया।
टालमटोल से खुली पोल, आर्थिक अपराध शाखा ने की जांच
पैसे और पासपोर्ट हासिल करने के बाद आरोपी लगातार टालमटोल करने लगा। महीनों बीत जाने के बाद भी जब वीजा नहीं मिला, तो मनप्रीत को ठगी का अहसास हुआ। जब उसने अपने पैसे और पासपोर्ट वापस मांगे, तो आरोपी युवराज साफ मुकर गया और धमकियां देने लगा। परेशान होकर पीड़ित ने एसपी कार्यालय में गुहार लगाई। मामले की प्राथमिक जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOO) यमुनानगर को सौंपी गई। जांच में आरोपी द्वारा की गई धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।
गांधी नगर थाने में एफआईआर दर्ज, पुलिस खंगाल रही आपराधिक रिकॉर्ड
जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना गांधी नगर में आरोपी युवराज वालिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी विशाल ने बताया कि पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने विदेश भेजने के नाम पर अन्य लोगों को तो अपना शिकार नहीं बनाया है।


