Yamunanagar Rice Mill Raid: यमुनानगर जिले में सरकारी धान की खरीद और उसके भंडारण में चल रहे संभावित फर्जीवाड़े को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। गुप्त शिकायतों के आधार पर जगाधरी के उपमंडल अधिकारी (SDM) विश्वनाथ के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने अचानक दो प्रमुख राइस मिलों में दबिश दी। इस औचक निरीक्षण के दौरान मिलों के कागजी रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद भौतिक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला, जिससे धान भंडारण में गड़बड़ी की पोल खुल गई है।
मां शारदा और सरस्वती राइस मिल में मिला कम स्टॉक
एसडीएम की इस कार्रवाई से जिले के राइस मिलरों में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक टीम ने सबसे पहले मां शारदा राइस मिल और उसके बाद सरस्वती राइस मिल के गोदामों में जाकर बोरियों की गिनती की और रिकॉर्ड का मिलान किया। जांच प्रक्रिया पूरी होने पर मां शारदा राइस मिल में कागजों की तुलना में 38.25 क्विंटल धान कम पाया गया। वहीं सरस्वती राइस मिल में भी स्थिति अलग नहीं थी, जहां 55.75 क्विंटल धान गायब मिला। दोनों मिलों को मिलाकर कुल 94 क्विंटल धान का अंतर सामने आया है।
संबंधित विभाग को सख्त कार्रवाई की सिफारिश
स्टॉक में इतनी बड़ी मात्रा में धान कम मिलने को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। एसडीएम विश्वनाथ ने बताया कि दोनों ही मिलों में पाई गई अनियमितताओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और संबंधित खाद्य एवं पूर्ति विभाग को नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के लिए आधिकारिक पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने साफ किया कि सरकारी खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की कागजी खानापूर्ति या घपलेबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंडियों में पारदर्शिता लाने को लेकर अभियान रहेगा जारी
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जिले में धान की आवक और उसके उठान को पारदर्शी बनाए रखने के लिए यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासनिक टीमें समय-समय पर राइस मिलों का औचक निरीक्षण कर फिजीकल वेरिफिकेशन करती रहेंगी। अगर किसी अन्य मिल में भी कागजी रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में अंतर पाया गया, तो संबंधित मिल मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।


