Yamunanagar News: संजीव चौहान (यमुनानगर) खुद को ‘स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड’ (SAIL) का वरिष्ठ अधिकारी बताकर यमुनानगर प्लाईवुड एसोसिएशन के प्रधान से 16.55 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर फ्रॉड को पुलिस ने दबोच लिया है। यमुनानगर सदर थाना पुलिस की विशेष टीम ने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी बीरभूम जिले के चंद्रपुर गांव का रहने वाला श्याम मैत्रा है। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट (राहदारी) रिमांड पर लिया और फिर यमुनानगर कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया है।
बीटूबी पोर्टल से हासिल की थी कारोबारी की डिटेल
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि एसपी कमलदीप गोयल के निर्देशों पर साइबर और सदर पुलिस की टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। थाना प्रभारी कमलजीत सिंह के मुताबिक, कमला नगर निवासी जुगल किशोर बिहानी की कामी माजरा में ‘गैलेक्सी प्लाईवुड इंडस्ट्रीज’ के नाम से फैक्ट्री है।
कारोबारी जुगल किशोर ने दिसंबर 2025 में इंडियामार्ट, ट्रेड इंडिया और एक्सपोर्टर्स इंडिया जैसे ऑनलाइन बीटूबी पोर्टल (B2B Portals) पर एमएस बिलेट्स (लोहे का कच्चा माल) खरीदने के लिए इंक्वायरी डाली थी। इसी दौरान शातिर ठग श्याम मैत्रा ने उनसे संपर्क साधा। उसने खुद को पश्चिम बंगाल स्थित सेल (SAIL) प्लांट का असिस्टेंट जनरल मैनेजर (AGM) बताया।
फर्जी ब्रांडेड लेटरहेड और चालान भेजकर जीता भरोसा
आरोपी ने कारोबारी का यकीन जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। उसने सेल कंपनी के नाम से तैयार किए गए फर्जी ब्रांडेड लेटरहेड, पार्टी कोड रजिस्ट्रेशन फॉर्म, मटीरियल स्पेसिफिकेशन और बैंक खातों से जुड़े फर्जी दस्तावेज उनके व्हाट्सएप पर भेजे।
सरकारी उपक्रम का अधिकारी और पक्के कागजात देखकर कारोबारी जुगल किशोर झांसे में आ गए। उन्होंने माल की डिलीवरी के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल 16 लाख 55 हजार रुपये आरोपी द्वारा दिए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
बैंक में जांच की तो उड़े होश, खाता पहले से था फ्रीज
भुगतान करने के काफी दिनों बाद भी जब माल की डिलीवरी नहीं हुई, तो कारोबारी को शक हुआ। उन्होंने संबंधित बैंक शाखा में जाकर खाते की जानकारी निकाली, जहां से पता चला कि ‘सेल’ का उस बैंक में कोई खाता ही नहीं है। जिस खाते में रकम भेजी गई थी, वह किसी निजी व्यक्ति का था और संदिग्ध लेनदेन के चलते साइबर पुलिस द्वारा पहले ही फ्रीज किया जा चुका था।
ठगी का अहसास होते ही पीड़ित कारोबारी ने पुलिस को शिकायत दी, जिस पर सदर थाना पुलिस ने 30 जनवरी 2026 को मुकदमा दर्ज किया था। मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस टीम ने लोकेशन ट्रेस कर आरोपी को पश्चिम बंगाल से धर दबोचा।
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