Yamunanagar News: यमुनानगर में रविवार की सुबह अचानक माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब नगर निगम की टीम पुलिस सुरक्षा के बीच एसपी आवास के पास बने डंपिंग पॉइंट से कूड़ा उठाने पहुंची। 6 अगस्त से हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों को जैसे ही इसकी भनक लगी, वे भारी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए और जेसीबी मशीनों के आगे खड़े होकर काम रोक दिया। सफाई कर्मचारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे शहर से कूड़ा नहीं उठने देंगे।
महिलाओं ने सड़क पर दिया धरना, पुलिस ने लिया हिरासत में
सफाई कर्मियों के कड़े रुख को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। जब कर्मचारियों ने निगम की गाड़ियों का रास्ता रोकने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें जबरन वैन में बैठाना शुरू कर दिया। इस कार्रवाई के विरोध में महिला सफाई कर्मचारी सड़क के बीचों-बीच बैठ गईं और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम के उच्च अधिकारी भी स्थिति को संभालने मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में हटाए जाने के बाद निगम की टीम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों से कूड़ा उठाने की प्रक्रिया शुरू की।
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प्रदेशभर में चल रही इस हड़ताल की वजह से जगह-जगह गंदगी के ढेर लग चुके हैं। सफाई कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री का स्पष्ट कहना है कि कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना और समय पर वेतन देना उनकी प्रमुख मांगें हैं। कुरुक्षेत्र में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के साथ हुई बैठक में 13 मांगों पर सहमति बनने का दावा किया गया, लेकिन पक्का करने की मुख्य मांग पर पेंच फंस गया। मंत्री बेदी के अनुसार, पक्का करने के मामले में कानूनी और अदालती अड़चनें हैं, जिस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी के लौटने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। तब तक कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है।
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