Yuva Sangam: पंजाब और गुजरात के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने के लिए युवा संगम के सातवें चरण की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार को आईआईएसईआर मोहाली में गुजरात से पहुंचे 47 विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस पहल में विद्यार्थी सात दिनों तक पंजाब के विभिन्न शहरों का दौरा करेंगे और राज्य की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक महत्व तथा विकास से जुड़ी जानकारियां हासिल करेंगे।
विद्यार्थियों के स्वागत के लिए संस्थान में पंजाबी संस्कृति की झलक देखने को मिली। ढोल की थाप और भांगड़े की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अलग-अलग राज्यों की जीवनशैली और परंपराओं से परिचित कराने के साथ राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। यात्रा के दौरान उन्हें किताबों में पढ़ी जानकारी से आगे बढ़कर पंजाब की संस्कृति और विरासत को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलेगा।
ढोल और भांगड़े के साथ हुआ विद्यार्थियों का स्वागत
आईआईएसईआर मोहाली में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में गुजरात से आए विद्यार्थियों का पारंपरिक पंजाबी अंदाज में अभिनंदन किया गया। ढोल की आवाज और भांगड़े की प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों को पंजाब की लोक संस्कृति से परिचित कराया। इस आयोजन ने दोनों राज्यों के युवाओं के बीच संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की शुरुआत की।
आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल के. त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और अलग-अलग संस्कृतियों के प्रति समझ बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को युवाओं के लिए एक-दूसरे की परंपराओं, सामाजिक जीवन और सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर बताया। युवा संगम के तहत विद्यार्थियों को केवल किसी स्थान का भ्रमण ही नहीं करना है, बल्कि वहां के समाज, इतिहास और सांस्कृतिक विशेषताओं को भी करीब से जानना है। अलग-अलग राज्यों के विद्यार्थियों के बीच संपर्क बढ़ने से उन्हें अपने अनुभव साझा करने और देश की विविधता को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है।
डॉ. जतिंदर कौर अरोड़ा और ओजस्वी शर्मा भी हुए शामिल
कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के नॉर्थ रीजन साइंस एंड टेक्नोलॉजी क्लस्टर की सलाहकार डॉ. जतिंदर कौर अरोड़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता ओजस्वी शर्मा विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में मौजूद रहे। डॉ. जतिंदर कौर अरोड़ा ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को देश की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति से जोड़ते हैं। उनके मुताबिक, विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों को एक मंच पर लाने से उन्हें देश में हो रहे विकास कार्यों और उपलब्धियों को समझने का अवसर मिलता है। इससे युवाओं की सोच व्यापक होती है और वे अपने अनुभवों को दूसरे क्षेत्रों के विद्यार्थियों के साथ साझा कर सकते हैं।
वहीं, फिल्म निर्माता ओजस्वी शर्मा ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान और कहानियों के माध्यम से लोगों को जोड़ने के महत्व पर जोर दिया। कहानियां किसी क्षेत्र के इतिहास, समाज और परंपराओं को समझने का प्रभावी माध्यम होती हैं। ऐसे कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को अलग-अलग क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान को नजदीक से जानने और अपने अनुभवों के जरिए दूसरों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
चंडीगढ़ से अमृतसर तक पंजाब की विरासत देखेंगे विद्यार्थी
सात दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान गुजरात के विद्यार्थी चंडीगढ़, पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और श्री आनंदपुर साहिब का दौरा करेंगे। इन यात्राओं के माध्यम से वे पंजाब के ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक परंपराओं और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझेंगे। चंडीगढ़ में विद्यार्थियों को आधुनिक शहरी नियोजन और शहर की पहचान से परिचित होने का अवसर मिलेगा। पटियाला और अमृतसर जैसे शहर पंजाब की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिहाज से खास महत्व रखते हैं। वहीं, लुधियाना राज्य की औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, जबकि श्री आनंदपुर साहिब का सिख इतिहास और धार्मिक परंपराओं में विशेष स्थान है। इस यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को पंजाब की अलग-अलग पहचान को एक साथ देखने और समझने का मौका मिलेगा। ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक गतिविधियों और स्थानीय परिवेश से जुड़कर वे राज्य की विरासत को केवल पढ़ने के बजाय प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए समझ सकेंगे।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत युवाओं को जोड़ने की पहल
युवा संगम केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे के करीब लाना और उनके बीच सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना है। इस तरह की यात्राओं में विद्यार्थियों को अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं, रहन-सहन, सामाजिक जीवन और विकास की विशेषताओं को जानने का अवसर मिलता है।
गुजरात से आए 47 विद्यार्थियों की पंजाब यात्रा भी इसी उद्देश्य से आयोजित की गई है। सात दिनों के दौरान उन्हें राज्य के प्रमुख शहरों और विरासत स्थलों से परिचित कराया जाएगा। इससे वे पंजाब के इतिहास और संस्कृति को समझने के साथ गुजरात और पंजाब के बीच समानताओं तथा विविधताओं को भी जान सकेंगे। युवा संगम जैसी पहल विद्यार्थियों को अपने राज्य से बाहर निकलकर दूसरे क्षेत्रों के लोगों से सीधे संवाद करने का अवसर देती है। इससे उनके अनुभवों का दायरा बढ़ता है और उन्हें भारत की सांस्कृतिक विविधता को समझने में मदद मिलती है।
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