Chandigarh Crime News: बिल्डर से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और रकम न देने पर उसे गोली मारने की साजिश के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने तरनतारन से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने धमकी देने के लिए इस्तेमाल सिम कार्ड को खेत में फेंक दिया था, जबकि मोबाइल फोन गांव के तालाब में छिपा दिया। पुलिस आरोपियों तक पहुंची तो सबूत बरामद करना बड़ी चुनौती बन गया। सिम की तलाश में खेत की फसल कटवानी पड़ी, वहीं मोबाइल निकालने के लिए टैंकरों की मदद से दो से तीन दिन तक तालाब का पानी निकलवाया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस भी मिले हैं।
शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए डीएसपी ईस्ट पी. अभिनंदन ने बताया कि बिल्डर से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और उसे जान से मारने की धमकी देने के मामले में 14 अक्टूबर को सेक्टर-19 थाने में केस दर्ज किया गया था। आरोपियों को बिल्डर से संपर्क कर मोटी रकम मांगने और उसे धमकाने के निर्देश दिए गए थे। बिल्डर ने जब फोन नहीं उठाया तो आरोपियों ने उसे धमकी भरा वॉयस मैसेज भेजा। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय नंबर से भी धमकियां दी गईं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और 19 अक्टूबर को सेक्टर-18 स्थित हॉकी स्टेडियम की कच्ची पार्किंग के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरनतारन जिले के गांव चौधरी वाला, नौशेरा पन्नुआं निवासी अरनदीप सिंह (30) और बंटी उर्फ बंटी अटवाल उर्फ सनी (20) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, जांच में बंटी के गैंगस्टरों के संपर्क में होने की बात सामने आई है। दोनों आरोपी स्नैपचैट समेत अन्य डिजिटल माध्यमों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बिल्डर को धमकाने के पीछे किसका निर्देश था और रंगदारी की रकम किस तक पहुंचाई जानी थी।
पुलिस के मुताबिक, अरनदीप कथित तौर पर अवैध तरीके से सिम कार्ड उपलब्ध करवाता था। इसके लिए वह सिम लेने वाले लोगों के आधार कार्ड, फोटो और अन्य निजी जानकारियां जुटाता था। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि बिल्डर को धमकाने के लिए इस्तेमाल किया गया सिम किस पहचान पर लिया गया था और अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी देने में किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस को आशंका है कि मामले में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
पुलिस ने बताया कि अरनदीप सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि बंटी पुलिस रिमांड पर है। दोनों से पूछताछ और बरामद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
सबूत जुटाने में छूटे पुलिस के पसीने
सेक्टर-19 थाना प्रभारी सरिता रॉय के मुताबिक, धमकी देने में इस्तेमाल सिम कार्ड और मोबाइल फोन आरोपियों से बरामद नहीं हुए थे। पूछताछ में पता चला कि सिम कार्ड खेत में फेंका गया है, जबकि मोबाइल गांव के तालाब में डाल दिया गया था। इसके बाद पुलिस टीम तरनतारन पहुंची। खेत में फसल खड़ी होने के कारण सिम ढूंढना आसान नहीं था। आखिरकार फसल कटवाकर पूरे क्षेत्र की तलाशी ली गई, जिसके बाद सिम कार्ड बरामद हुआ। मोबाइल की तलाश के लिए पुलिस को तालाब का पानी निकलवाना पड़ा। टैंकरों की मदद से दो से तीन दिन तक पानी बाहर निकाला गया। पानी का स्तर कम होने के बाद तलाशी अभियान चलाया गया और मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया। पुलिस अब बरामद मोबाइल और सिम की जांच कर धमकी देने के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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