Narnaul News: आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में बड़ा जांच अभियान चलाया है। इस विशेष अभियान के तहत नारनौल, अटेली मंडी और कनीना मंडी के विभिन्न बाजारों में औचक निरीक्षण किया गया, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
अभियान के दौरान विभाग की टीम ने विभिन्न दुकानों और गोदामों से खाद्य पदार्थों के कुल 8 नमूने एकत्रित किए हैं। इन सभी नमूनों को गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों की सटीक जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशाला में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने निरीक्षण के दौरान हलवाइयों, दुकानदारों और अन्य खाद्य कारोबारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों का निर्माण पूरी तरह से स्वच्छ वातावरण में करें। उन्होंने हिदायत दी कि मिठाइयों में किसी भी प्रकार के अनावश्यक या अनधिकृत रंगों का इस्तेमाल बिल्कुल न किया जाए और केवल निर्धारित मानकों के अनुसार ही अनुमत खाद्य रंगों का प्रयोग हो।
डॉ. अमित कुमार ने कारोबारियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों का एफएसएसएआई (FSSAI) पंजीकरण या लाइसेंस नियमों के तहत अनिवार्य रूप से बनवाएं। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। भंडारण, रखरखाव और बिक्री के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि त्योहारों पर अधिक मुनाफे या बिक्री के लालच में जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभाग ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे हमेशा विश्वसनीय दुकानों से ही मिठाइयां खरीदें तथा किसी भी खाद्य पदार्थ के रंग, गंध या गुणवत्ता पर संदेह होने पर इसकी तुरंत सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दें। विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि कारोबारियों को जिम्मेदार बनाना और उपभोक्ताओं को जागरूक करना है।
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