Chandigarh Naitik Murder Case: चंडीगढ़ में 17 वर्षीय नैतिक खंडेलवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी शूटर मनमीत मेहर उर्फ मन को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। शनिवार सुबह चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने सेक्टर-50 के जंगल में हथियार बरामदगी के दौरान यह कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने छिपाकर रखी गई पिस्टल उठाकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। इस दौरान एएसआई प्रदीप की छाती पर गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण उनकी जान बच गई।
पुलिस जांच के मुताबिक, नैतिक की हत्या के पीछे पुरानी रंजिश थी। आरोप है कि सेक्टर-44 में मारपीट के दौरान बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से अर्श मेहर नाराज था। उसने कथित तौर पर बदला लेने के लिए खरड़ से अपने बड़े भाई मनमीत को बुलाया। पुलिस का कहना है कि मनमीत का संबंध बंबीहा गैंग के गैंगस्टर लक्की पटियाल के नेटवर्क से होने की आशंका है। पुलिस इस मामले में सुपारी देकर हत्या कराने के आरोपों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
सेक्टर-50 के जंगल में हथियार बरामदगी के दौरान मुठभेड़
चंडीगढ़ ऑपरेशन सेल के डीएसपी रनजोत सिंह के मुताबिक, पुलिस ने शुक्रवार को नैतिक हत्याकांड के आरोपी अर्श मेहर और उसके भाई मनमीत मेहर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शनिवार सुबह इंस्पेक्टर सेखों की अगुवाई में पुलिस टीम दोनों आरोपियों को लेकर सेक्टर-50 के जंगल में पहुंची। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों से संबंधित पिस्टल वहां छिपाई हुई थीं। हथियार बरामदगी के दौरान अर्श ने पुलिस को अपनी छिपाई हुई पिस्टल की जगह बताई। पुलिस ने पिस्टल बरामद कर ली, लेकिन दूसरी पिस्टल की तलाश के दौरान स्थिति बिगड़ गई। पुलिस के मुताबिक, मनमीत ने छिपाकर रखी गई पिस्टल उठा ली और पुलिस टीम पर गोली चला दी।
डीएसपी रनजोत सिंह के अनुसार, मनमीत की तरफ से चलाई गई गोली एएसआई प्रदीप की छाती पर लगी। हालांकि, एएसआई ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे गोली का असर उनकी जान पर नहीं पड़ा। इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी फायरिंग की। पुलिस के मुताबिक, टीम की तरफ से दो गोलियां चलाई गईं, जबकि आरोपी ने एक गोली चलाई थी। इसी दौरान मनमीत के पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे काबू कर लिया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अब हथियारों की बरामदगी, फायरिंग की परिस्थितियों और हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए हथियारों की भूमिका की जांच कर रही है। इस कार्रवाई में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और आरोपी के कब्जे से हथियार बरामद होना जांच के अहम पहलू हैं।
सेक्टर-44 में मारपीट और वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी रंजिश
पुलिस की जांच के अनुसार, नैतिक की हत्या से पहले वीरवार रात सेक्टर-44 में विवाद हुआ था। नैतिक अपने एक दोस्त के साथ वहां घूम रहा था, तभी सेक्टर-43 निवासी एक नाबालिग और अर्श मेहर के साथ पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी और मारपीट हो गई। आरोप है कि नैतिक और उसके साथी ने नाबालिग के साथ मारपीट की और उसका वीडियो बना लिया। इस दौरान अर्श के साथ भी मारपीट हुई थी। बाद में नैतिक ने मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया। पुलिस के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद अर्श नाराज हो गया और उसने बदला लेने की योजना बनाई। जांच में आरोप है कि इसी रंजिश के चलते अर्श ने खरड़ से अपने बड़े भाई मनमीत सिंह को बुलाया। पुलिस मनमीत को कथित तौर पर बंबीहा गैंग से जुड़े गैंगस्टर लक्की पटियाल के नेटवर्क का शूटर बता रही है। हालांकि, इस नेटवर्क से उसके संबंधों और हत्या की साजिश में उसकी भूमिका की पुष्टि जांच के आधार पर होनी बाकी है।
पुलिस के मुताबिक, नैतिक पर हमले से पहले नाबालिग, अर्श और मनमीत बुलेट मोटरसाइकिल पर सेक्टर-22 पहुंचे थे। तीनों नैतिक के घर के पास स्थित सनातन धर्म मंदिर के बाहर उसका इंतजार कर रहे थे। कुछ देर बाद नैतिक अपने साथी के साथ ऑटो में वहां पहुंचा। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने नैतिक को पहचान लिया और इसके बाद वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि आरोपियों को देखकर नैतिक ने ऑटो चालक सिकंदर से वाहन भगाने को कहा। इसी दौरान ऑटो पर फायरिंग की गई। एक गोली नैतिक की छाती में लगी, जबकि दूसरी गोली ऑटो चालक सिकंदर के कंधे को छूकर निकल गई। गोली लगने के बाद नैतिक ऑटो से उतरकर कुछ दूर गया और फिर गिर पड़ा। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सुपारी देकर हत्या कराने का आरोप, लक्की पटियाल नेटवर्क की जांच
नैतिक खंडेलवाल की हत्या ने चंडीगढ़ में छात्रों के बीच पुरानी रंजिश और हिंसक घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस की जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर मारपीट का वीडियो डालने के बाद विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। इसके बाद कथित तौर पर बदला लेने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया गया और नैतिक की जान चली गई। इस मामले में पुलिस को यह भी पता लगाना है कि हमले से पहले आरोपियों ने किस तरह नैतिक की गतिविधियों की जानकारी जुटाई और वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार कहां से हासिल किए। जांच में यह भी महत्वपूर्ण है कि घटनास्थल पर मौजूद अन्य आरोपियों की भूमिका क्या थी और किसने फायरिंग की। पुलिस के अनुसार, इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नैतिक की हत्या सुपारी देकर कराई गई थी। जांच में मनमीत का नाम कथित तौर पर विदेश में बैठे गैंगस्टर लक्की पटियाल के नेटवर्क से जुड़े शूटर के रूप में सामने आया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्या की साजिश किसने तैयार की, सुपारी किसने दी और वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों को किस स्तर पर मदद मिली। बंबीहा गैंग से कथित संबंधों की जांच के साथ पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस हत्याकांड का किसी अन्य आपराधिक वारदात से संबंध है या नहीं। हालांकि, गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ाव और सुपारी के आरोपों को लेकर जांच पूरी होने तथा आधिकारिक पुष्टि आने तक इन्हें पुलिस के आरोप और जांच के विषय के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पुलिस जांच के मुताबिक, मनमीत सिंह का नाम पहले मोहाली में सेक्टर-67 के सामने स्थित हेडमास्टर सैलून पर हुई फायरिंग के मामले में भी सामने आया था। पुलिस अब इस मामले में उसकी कथित भूमिका की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं। नैतिक हत्याकांड में पुलिस के सामने अब हत्या की पूरी साजिश का पता लगाने, हथियारों के स्रोत की जानकारी जुटाने और कथित गैंगस्टर नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट करने जैसी चुनौतियां हैं। पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्य ही यह तय करने में मदद करेंगे कि इस वारदात में किन लोगों की क्या भूमिका रही।

