Haryana News: हरियाणा में स्निफर डॉग ‘रैंबो’ का बड़ा कारनामा, सूंघकर पकड़वाया 5.5 क्विंटल डोडा पोस्त
हरियाणा में स्निफर डॉग 'रैंबो' का बड़ा कारनामा, सूंघकर पकड़वाया 5.5 क्विंटल डोडा पोस्त
Haryana News: हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों के लिए अब पुलिस की नजरों से बच निकलना लगभग नामुमकिन होता जा रहा है। वजह है हरियाणा पुलिस और राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) के वे ट्रेंड स्निफर डॉग्स, जिनकी पैनी सूंघने की क्षमता के आगे शातिर से शातिर तस्कर भी घुटने टेक रहे हैं। साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही इन चार पैर वाले ‘जासूसों’—विशेष रूप से बोल्ट, रैंबो और रोमियो—ने कई ऐसे ऑपरेशन्स को कामयाबी तक पहुंचाया, जहां सामान्य इंसानी पुलिसिंग या आधुनिक तकनीक भी एक पल को नाकाम साबित हो रही थी।
चाहे गाड़ियों की बॉडी में बने सीक्रेट चैंबर हों, खेत की मिट्टी के नीचे दबाया गया माल हो, या फिर मकानों और गोदामों के कोने-अंतरे में छिपाकर रखे गए नशीले पदार्थ—ये स्निफर डॉग्स चंद सेकंड्स में सटीक लोकेशन पर पंपा मारकर पुलिस को सीधे ठिकाने तक पहुंचा देते हैं।
6 महीने में 48 केस क्रैक, 5 क्विंटल से ज्यादा डोडा पोस्त बरामद
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और जिला पुलिस की साझा टीमों ने जनवरी से जून 2026 के बीच इन स्निफर डॉग्स के बूते कुल 48 एनडीपीएस (NDPS) मामलों का पर्दाफाश किया है। इस दौरान हेरोइन (चिट्टा), स्मैक, गांजा, चरस, अफीम और डोडा पोस्त की भारी-भरकम खेप जब्त की गई। आंकड़ों पर नजर डालें तो ‘बोल्ट’ ने सबसे ज्यादा 15 ऑपरेशन्स में अहम सुराग दिए, जबकि ‘रैंबो’ ने 14 और ‘रोमियो’ ने 12 कार्रवाइयों को अंजाम तक पहुंचाया।
इन छह महीनों की सबसे बड़ी सफलता आदमपुर में मिली, जहां स्निफर डॉग ‘रैंबो’ के पक्के इशारे के आधार पर पुलिस ने 5 क्विंटल 50 किलो 300 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया। नशा तस्करों ने इसे बेहद शातिराना अंदाज में छिपाकर रखा था, लेकिन रैंबो की सूंघने की ताकत के आगे उनकी सारी चालाकी धरी की धरी रह गई।
डॉग हैंडलर्स की मेहनत और तालमेल रंग लाई
हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, भिवानी और कुरुक्षेत्र से लेकर हिसार जीआरपी तक चले इन जॉइंट ऑपरेशन्स में सिर्फ आदमपुर ही नहीं, बल्कि फतेहाबाद से 10 किलो से ज्यादा डोडा पोस्त और फरीदाबाद से गांजा व चरस का बड़ा जखीरा पकड़ा गया।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन बेजुबान जांबाजों की सफलता के पीछे उनके हैंडलर्स का भी बराबर का योगदान है। सिपाही अनिल, सुनील, रीत, प्रदीप, विकास और रविंदर जैसे डॉग हैंडलर्स ने दिन-रात की ट्रेनिंग और मैदान पर अपने डॉग्स के साथ शानदार तालमेल बनाकर हर मुश्किल टास्क को आसान कर दिखाया। पुलिस अब तस्करों के बदलते तौर-तरीकों को ध्वस्त करने के लिए इस ‘डॉग स्क्वॉड’ को और अधिक मजबूत करने में जुटी है।
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