August 6, 2026

Mock Drill In Narnaul: नारनौल पीजी कॉलेज में अचानक बजा सायरन, सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल में परखा गया आपदा प्रबंधन का दम

0
Mock Drill In Narnaul: नारनौल पीजी कॉलेज में अचानक बजा सायरन, सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल में परखा गया आपदा प्रबंधन का दम

नारनौल पीजी कॉलेज में अचानक बजा सायरन, सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल में परखा गया आपदा प्रबंधन का दम

Mock Drill In Narnaul: अचानक उठती आग की लपटें, सायरन की आवाज और आनन-फानन में अलर्ट होतीं राहत टीमें… बुधवार को नारनौल के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। मौका था सिविल डिफेंस द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल का, जहां अचानक आने वाली किसी भी कुदरती या मानव निर्मित आपदा से निपटने के लिए प्रशासनिक मशीनरी की तैयारियों को धरातल पर परखा गया। नगराधीश (CTM) डॉ. मंगल सेन की देखरेख में आयोजित इस अभ्यास में आगजनी, सुरक्षित रेस्क्यू और तुरंत प्राथमिक उपचार का सजीव प्रदर्शन किया गया।

आगजनी के अलर्ट के साथ शुरू हुआ ऑपरेशन, त्वरित रेस्क्यू ने दिखाया तालमेल

ड्रिल की शुरुआत कॉलेज परिसर की एक इमारत में अचानक आग लगने की फर्जी सूचना और आपातकालीन सायरन बजने के साथ हुई। सूचना मिलते ही पूरे कॉलेज परिसर में अलर्ट जारी किया गया और अध्यापकों व विद्यार्थियों को सुरक्षित खुले मैदान में पहुंचने की हिदायत दी गई। कुछ ही मिनटों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचीं और दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने की प्रक्रिया शुरू की। वहीं, पुलिस विभाग की टीम ने कॉलेज के आसपास ट्रैफिक को तुरंत डाइवर्ट किया ताकि एम्बुलेंस और राहत वाहनों को बिना किसी रुकावट के रास्ता मिल सके।

घायलों का मौके पर इलाज, स्वास्थ्य विभाग व रेडक्रॉस ने दिखाई तत्परता

इमारत के भीतर फंसे लोगों को निकालने के लिए नागरिक सुरक्षा बल और पुलिस टीम ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद स्वास्थ्य विभाग और रेड क्रॉस के वॉलिंटियर्स ने परिसर में ही स्थापित अस्थायी मेडिकल कैंप में उनका फर्स्ट एड ट्रीटमेंट किया। गंभीर रूप से झुलसे या घायल काल्पनिक पीड़ितों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल भेजने की प्रक्रिया को भी बिल्कुल वास्तविक माहौल की तरह दोहराया गया।

“सटीक सूचना और बेहतर समन्वय ही आपदा प्रबंधन की कुंजी”: डॉ. मंगल सेन

मॉक ड्रिल के बाद तैयारियों की समीक्षा करते हुए नगराधीश डॉ. मंगल सेन ने कहा कि इस तरह के नियमित व्यावहारिक अभ्यासों से न केवल विभागों का रिस्पॉन्स टाइम सुधरता है, बल्कि वास्तविक आपात स्थिति के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आपदा के वक्त सटीक सूचना, नागरिकों की सतर्कता और सभी विभागों का आपसी समन्वय ही सबसे बड़ा हथियार साबित होता है।

इस दौरान डीएसपी भारत भूषण और जिला राजस्व अधिकारी (DRO) राकेश शर्मा समेत प्रशासनिक और पुलिस महकमे के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने टीम वर्क की सराहना की।

यह भी पढ़ें–Narnaul Theft News: नारनौल में बंद मकान से 2 लाख कैश और जेवर चोरी, पिता के तीये में रोहतक गया था परिवार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed