August 7, 2026

Breaking: चंडीगढ़ में DA और OPS को लेकर कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन, दफ्तरों में काम प्रभावित, भारी पुलिस फोर्स तैनात

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Breaking: चंडीगढ़ में DA और OPS को लेकर कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन, दफ्तरों में काम प्रभावित, भारी पुलिस फोर्स तैनात

चंडीगढ़ में DA और OPS को लेकर कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन

Breaking: चंडीगढ़ के सेक्टर-39 में शुक्रवार को पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों के कर्मचारी, सरकारी स्कूलों के शिक्षक और अन्य कर्मचारी संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में एकत्र हुए। बकाया महंगाई भत्ता (DA) जारी करने और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू करने की मांग को लेकर आयोजित महारैली में शामिल होने के लिए कर्मचारियों ने सामूहिक छुट्टी ली। इसका असर कई सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों के कामकाज पर भी देखने को मिला। पंजाब के अलग-अलग जिलों से कर्मचारी सुबह से ही चंडीगढ़ पहुंचने लगे। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

 

OPS लागू करने की मांग फिर हुई तेज

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पंजाब सरकार ने पहले ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने का वादा किया था और इस संबंध में अधिसूचना भी जारी की गई थी, लेकिन अब तक इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करना जरूरी है। इसके साथ ही बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान भी जल्द किए जाने की मांग दोहराई गई।

 

सरकारी दफ्तरों और स्कूलों पर पड़ा असर

रैली में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारी और शिक्षक संगठनों ने पहले ही विभागाध्यक्षों और स्कूल प्राचार्यों को सामूहिक अवकाश का नोटिस दे दिया था।

सरकारी स्कूलों के कई शिक्षकों ने छात्रों को एक दिन पहले ही स्कूल नहीं आने की सूचना दे दी थी, ताकि शिक्षण कार्य में अव्यवस्था न हो। कई सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण नियमित कामकाज प्रभावित रहा।

 

रैली स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

रैली को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-39 और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों को निर्धारित रैली स्थल तक जाने की अनुमति है। हालांकि, यदि प्रदर्शन के बाद कोई समूह निर्धारित स्थान से आगे बढ़ने का प्रयास करता है तो उसे आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 

सरकार के फैसले पर टिकी कर्मचारियों की नजर

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उनकी मांगें नई नहीं हैं और लंबे समय से सरकार के समक्ष रखी जा रही हैं। अब उनकी निगाह सरकार की अगली प्रतिक्रिया और संभावित फैसले पर टिकी है। यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आगे की रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है।

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