Chandigarh AAP Protest: टेबल एजेंडे के विरोध में AAP का प्रदर्शन, राजभवन कूच के दौरान प्रशासन ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल
टेबल एजेंडे के विरोध में AAP का प्रदर्शन
Chandigarh AAP Protest: चंडीगढ़ नगर निगम की 363वीं जनरल हाउस बैठक में 227 करोड़ रुपये की पाइपलाइन परियोजना को टेबल एजेंडे के जरिए मंजूरी दिए जाने का विवाद अब सियासी टकराव में बदल गया है। गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने सेक्टर-17 स्थित नगर निगम भवन से पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक के राजभवन तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की तो चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें चलाईं। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से 227 करोड़ रुपये की इस परियोजना को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। कांग्रेस के बाद अब आम आदमी पार्टी भी इस मामले को पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा बताते हुए लगातार विरोध कर रही है। गुरुवार का प्रदर्शन इसी विरोध अभियान का हिस्सा रहा।
राजभवन तक मार्च के दौरान बढ़ा तनाव
आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर निगम भवन से पैदल मार्च करते हुए राजभवन की ओर बढ़े। प्रदर्शन के मद्देनजर पहले से ही पुलिस ने सेक्टर-17 से लेकर सेक्टर-6 स्थित राजभवन तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
जैसे ही प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग के पास पहुंचे और आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछारों के बावजूद कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे। मौके पर कुछ देर तक धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी रही, हालांकि पुलिस ने हालात को नियंत्रित रखा।
227 करोड़ की परियोजना पर AAP के सवाल
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि कजौली वाटर वर्क्स से चंडीगढ़ तक वाटर सप्लाई पाइपलाइन बदलने की 227 करोड़ रुपये की परियोजना को अंतिम समय में टेबल एजेंडे के रूप में सदन में रखा गया और बिना पर्याप्त चर्चा के मंजूरी दिला दी गई।
पार्टी का कहना है कि पार्षदों को प्रस्ताव का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि जनता के टैक्स से जुड़ी इतनी बड़ी परियोजना को महज दो पन्नों के एजेंडे के जरिए पारित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की तैयारी
आम आदमी पार्टी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बाद पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक को ज्ञापन सौंपेगा। ज्ञापन में परियोजना की कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने, जांच पूरी होने तक परियोजना पर रोक लगाने तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), लागत का मदवार ब्योरा और तकनीकी स्वीकृतियां सार्वजनिक करने की मांग की जाएगी।
पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक धन से जुड़ी परियोजनाओं में सभी तकनीकी और वित्तीय दस्तावेज सार्वजनिक होने चाहिए, ताकि जनप्रतिनिधि और आम नागरिक पूरी जानकारी प्राप्त कर सकें।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने नगर निगम भवन से लेकर राजभवन तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया था। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष नजर रखी गई।
पुलिस का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और राजभवन क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। वाटर कैनन का इस्तेमाल भी इसी दौरान प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए किया गया।
विवाद क्यों बढ़ा
227 करोड़ रुपये की पाइपलाइन परियोजना को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ, जब नगर निगम की जनरल हाउस बैठक में इसे टेबल एजेंडे के रूप में पेश किया गया। विपक्ष का आरोप है कि प्रस्ताव पर पर्याप्त चर्चा नहीं कराई गई और पार्षदों को पहले से पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
इसी मुद्दे को लेकर अब चंडीगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर चुके हैं, जबकि नगर निगम प्रशासन और संबंधित पक्षों की ओर से मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
