Haryana CBG Policy: पराली और गोबर से बनेगी सीबीजी गैस, हरियाणा में लगेंगे 100 नए बायोगैस प्लांट; मिलेगी 40 करोड़ तक की सब्सिडी
पराली और गोबर से बनेगी सीबीजी गैस, हरियाणा में लगेंगे 100 नए बायोगैस प्लांट, मिलेगी 40 करोड़ तक की सब्सिडी
Haryana CBG Policy: हर साल पराली जलाने की मजबूरी और बढ़ते वायु प्रदूषण के कलंक को धोने के लिए हरियाणा सरकार ने एक मास्टरप्लान तैयार किया है। प्रदेश में कृषि अवशेषों, पशुओं के गोबर, चीनी मिलों के प्रेसमड और शहरी जैविक कचरे का सदुपयोग कर ऊर्जा बनाने की दिशा में ‘कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) नीति’ का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है।
ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ द्वारा जारी इस नीति पत्र पर अगले 15 दिनों तक आम जनता, उद्यमियों और हितधारकों से सुझाव व आपत्तियां मांगी गई हैं। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में 100 नए सीबीजी प्लांट स्थापित करना है, जिनमें से 17 प्लांट फिलहाल चालू हैं और 6 अन्य पर काम अंतिम चरण में है।
पूंजीगत सब्सिडी, जमीन और सस्ती बिजली: उद्यमियों और गोशालाओं के लिए बड़ा ऑफर
नई सीबीजी नीति के तहत प्लांट लगाने के इच्छुक निवेशकों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), सहकारी समितियों, डेयरियों और गोशालाओं के लिए सहूलियतों का पिटारा खोल दिया गया है।
परियोजनाओं के लिए पंचायत भूमि दीर्घकालिक लीज पर दी जाएगी। इसके अलावा, लैंड यूज चेंज (CLU) की झंझटों से राहत मिलेगी और पहले 5 सालों के लिए 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रोजेक्ट की लागत के हिसाब से 40 करोड़ रुपये तक की पूंजी सहायता देने का प्रावधान किया गया है, जबकि 20 वर्षों तक बिजली शुल्क की भरपाई भी सरकार करेगी।
जैविक खाद पर इंसेंटिव और स्थानीय युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता
इस पूरी योजना का खाका इस तरह तैयार किया गया है कि गांव के अंतिम व्यक्ति को इसका लाभ मिले। सीबीजी प्लांट से निकलने वाले सह-उत्पाद यानी जैविक खाद (organic fertilizer) को खरीदने वाले किसानों को 50 पैसे प्रति किलोग्राम की सहायता दी जाएगी, ताकि रसायनों का इस्तेमाल कम हो। खाद की गुणवत्ता जांचने के लिए कृषि विश्वविद्यालय मुफ्त में टेस्ट करेंगे। रोजगार के मोर्चे पर, स्थानीय युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए प्रति प्रशिक्षु 20,000 रुपये दिए जाएंगे। यदि प्रोजेक्ट में महिलाओं, दिव्यांगों, अनुसूचित जाति के युवाओं या पूर्व सैनिकों को रोजगार मिलता है, तो सरकार अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देगी।
तीन स्तरीय कमेटियां रखेंगी नजर, 2047 तक का रोडमैप तैयार
योजना को धरातल पर पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए त्रिस्तरीय ढांचा तैयार किया जा रहा है। मुख्य सचिव की अगुआई में 25 सदस्यीय राज्य स्तरीय समिति, ऊर्जा सचिव की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय कार्यकारी समिति और प्रत्येक जिले में उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता में 17 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन होगा।
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक रोजाना 3 हजार टन, 2035 तक 10.5 हजार टन और आजादी के अमृत काल के अंत यानी 2047 तक रोजाना 43 हजार टन कंप्रेस्ड बायो गैस का उत्पादन कर हरियाणा को हरित ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र बनाया जाए।
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