Monsoon Hair Care Tips: क्या मुलेठी और दही से मुलायम होते हैं बाल? जानिए मानसून के इस वायरल नुस्खे का सच
क्या मुलेठी और दही से मुलायम होते हैं बाल? जानिए मानसून के इस वायरल नुस्खे का सच
Monsoon Hair Care Tips: बरसात के मौसम में हवा में नमी का स्तर बढ़ते ही बालों का चिपचिपा होना, उलझना और टूटना एक आम बात हो जाती है। इस मौसम में इंटरनेट पर हेयर केयर से जुड़े तमाम नुस्खों का वायरल होना भी कोई नई बात नहीं है। इसी कड़ी में इन दिनों ‘मुलेठी और दही’ का हेयर पैक खूब चर्चा बटोर रहा है। रील्स और वीडियोज में दावा किया जा रहा है कि यह देसी कॉम्बिनेशन बालों का रूखापन खत्म कर उन्हें रेशमी बना देता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह दावा वैज्ञानिक कसौटी पर खरा उतरता है?
आयुर्वेद और न्यूट्रिशन का तालमेल: क्या कहता है विज्ञान?
पारंपरिक औषधियों की बात करें तो मुलेठी का इस्तेमाल स्किन और गले की दिक्कतों के लिए सालों से होता आया है। इसमें मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड्स स्कैल्प की हल्की-फुल्की सूजन या जलन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर, दही प्रोटीन और लैक्टिक एसिड का बेहतरीन स्रोत है। जब आप इसे बालों पर लगाते हैं, तो लैक्टिक एसिड स्कैल्प की मृत कोशिकाओं (डेड स्किन) को हटाने में मदद करता है और प्रोटीन बालों की सतह को एक अस्थायी कंडीशनिंग देता है। इस लिहाज से देखा जाए तो यह कॉम्बिनेशन पूरी तरह बेतुका नहीं है।
हर किसी के लिए सही नहीं यह नुस्खा: बरतें ये सावधानियां
अगर आपके बाल सामान्य हैं और आपको डेयरी प्रोडक्ट्स या मुलेठी से कोई एलर्जी नहीं है, तो कभी-कभार इसका इस्तेमाल बालों को थोड़ा मुलायम एहसास दे सकता है। हालांकि, डर्मेटोलॉजिस्ट्स और एक्सपर्ट्स मानसून में किसी भी गीले मिश्रण को स्कैल्प पर ज्यादा देर तक लगाए रखने की सलाह नहीं देते।
यदि आपकी स्कैल्प पहले से ही ऑयली है या आप डैंड्रफ और सेबोरिक डर्मेटाइटिस जैसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो दही का चिपचिपापन आपकी स्कैल्प पर फंगस और बैक्टीरिया को बढ़ा सकता है। इसलिए इसे पूरे सिर पर लगाने से पहले कानों के पीछे ‘पैच टेस्ट’ जरूर करें। जरा सी भी खुजली या लालिमा महसूस होने पर इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।
भ्रम से बचें: हेयर फॉल या गंजेपन का पक्का इलाज नहीं
सोशल मीडिया पर किए जाने वाले उन दावों से बचना बेहद जरूरी है जो इसे बाल झड़ने या गंजेपन की रामबाण दवा बताते हैं। मुलेठी और दही केवल ऊपरी तौर पर बालों को कुछ देर के लिए सॉफ्ट बना सकते हैं, किसी बीमारी का इलाज नहीं हैं।
मानसून के दिनों में बालों की सेहत बनाए रखने के लिए सबसे आसान और कारगर नियम यह है कि स्कैल्प को हमेशा साफ और सूखा रखें। पसीने और धूल-मिट्टी को जमने न दें, और बारिश में भीगे बालों को लंबे समय तक बांधकर न रखें। अगर बाल अत्यधिक झड़ रहे हों, तो किसी ट्रेंड को फॉलो करने के बजाय योग्य डर्मेटोलॉजिस्ट से परामर्श लेना ही समझदारी है।
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