Chandigarh News: ट्राईसिटी को रेलवे की बड़ी सौगात, कालका-सुल्तानपुर के बीच दौड़ेगी सुपरफास्ट ट्रेन, रेलवे बोर्ड ने दी मंजूरी

चंडीगढ़ के रास्ते कालका और सुल्तानपुर के बीच नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन
Chandigarh News: ट्राईसिटी में रहने वाले उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। रेलवे बोर्ड ने चंडीगढ़ के रास्ते कालका और सुल्तानपुर के बीच नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन चलाने को मंजूरी दे दी है। ट्रेन गाड़ी संख्या 22260/22259 के रूप में संचालित होगी। इसके शुरू होने से ट्राईसिटी के लोगों को लखनऊ जाने के लिए एक और सीधी ट्रेन मिल जाएगी। यह ट्रेन सहारनपुर-मेरठ रूट से होकर चलेगी। सप्ताह में तीन दिन चलने वाली इस ट्रेन से सुल्तानपुर और आसपास के जिलों के यात्रियों को लखनऊ, कानपुर, मेरठ, सहारनपुर, चंडीगढ़ और कालका तक सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे यात्रियों को इन शहरों तक पहुंचने के लिए बीच में ट्रेन बदलने की परेशानी से भी राहत मिलेगी। फिलहाल चंडीगढ़ के लखनऊ के लिए दो ट्रेनें रोच चलती हैं। बाकी दो ट्रेनें सप्ताह में दो दिन चलती हैं।
रेलवे बोर्ड के निदेशक (कोचिंग) संजय आर. नीलम की ओर से जारी आदेश में उत्तर रेलवे को ट्रेन का संचालन जल्द से जल्द सुविधाजनक तिथि से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर उद्घाटन सेवा को स्पेशल ट्रेन के रूप में भी संचालित किया जा सकता है। नई ट्रेन को यात्रियों की सुविधा के लिए कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। यह ट्रेन मुसाफिरखाना, महाराजा बिजली पासी, हैदरगढ़, रहमतनगर, लखनऊ चारबाग, उन्नाव, कानपुर सेंट्रल, हाथरस जंक्शन, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ सिटी, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अंबाला कैंट और चंडीगढ़ में रुकेगी। ट्रेन में यात्रियों को बेहतर सुविधा और आरामदायक सफर उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक एलएचबी रेक लगाए जाएंगे। ट्रेन का प्राथमिक रखरखाव सुल्तानपुर में आरबीपीसी के साथ किया जाएगा, जबकि पानी भरने और सफाई की व्यवस्था कानपुर, मेरठ सिटी और सहारनपुर स्टेशनों पर होगी।
ट्रेन संख्या 22260 सुल्तानपुर-कालका सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्रत्येक मंगलवार, वीरवार और शनिवार को सुल्तानपुर से रवाना होगी। ट्रेन सुबह 11:30 बजे सुल्तानपुर से चलकर निर्धारित स्टेशनों पर ठहराव करते हुए आगे बढ़ेगी। शाम 7:20 बजे हाथरस जंक्शन पहुंचेगी और दो मिनट बाद 7:22 बजे रवाना होगी। इसके बाद रात 11 बजे मेरठ सिटी पहुंचेगी और पांच मिनट के ठहराव के बाद 11:05 बजे कालका के लिए रवाना होगी। अगले दिन सुबह 4:20 बजे ट्रेन कालका पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 22259 कालका-सुल्तानपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी। यह सुबह 11:30 बजे कालका से रवाना होगी। शाम 4:35 बजे मेरठ सिटी पहुंचेगी और पांच मिनट बाद 4:40 बजे रवाना होगी। रात 8:10 बजे हाथरस जंक्शन पहुंचेगी और दो मिनट बाद 8:12 बजे रवाना होगी। अगले दिन सुबह 4:20 बजे ट्रेन सुल्तानपुर पहुंचेगी।
दरअसल, चंडीगढ़ से लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेनों के अलावा चंडीगढ़ से प्रयागराज के बीच चलने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस, कालका से हावड़ा के बीच चलने वाली कालका मेल और चंडीगढ़ से पाटलिपुत्र के बीच चलने वाली पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में यात्रियों की लंबी वेटिंग रहती है। उत्तर प्रदेश और बिहार रूट की प्रमुख ट्रेनों में दोनों ओर की सीटें दो महीने पहले ही बुक हो जाती हैं। ट्राईसिटी और हिमाचल प्रदेश के बद्दी औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न राज्यों के लाखों लोग रहते हैं। इनमें बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की है, जो परिवार के साथ अपने गृह राज्य आने-जाने के लिए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ते हैं। यात्रियों की संख्या के मुकाबले इन राज्यों की ओर जाने वाली ट्रेनों की संख्या कम होने के कारण प्रमुख ट्रेनों में सीट मिलना मुश्किल रहता है। ऐसे में कालका-सुल्तानपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के संचालन से ट्राईसिटी समेत उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस को प्रतापगढ़ तक बढ़ाने की तैयारी
शहर के सांसद मनीष तिवारी की ओर से चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12232) को प्रतापगढ़ जंक्शन तक विस्तारित करने की गई है। उन्होंने यह मांग यात्रियों, खासकर उत्तर प्रदेश जाने वाले हजारों परिवारों की सुविधा को देखते हुए रेल मंत्री के सामने उठाई है। उनके अनुसार, लखनऊ में यह ट्रेन करीब 12 घंटे खड़ी रहती है, इसलिए उस समय का उपयोग करते हुए इसे प्रतापगढ़ तक बढ़ाया जा सकता है। तिवारी ने बताया कि उनकी मांग पर चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस को प्रतापगढ़ जंक्शन तक विस्तार देने के प्रस्ताव की औपचारिक जांच शुरू हो गई है। हालाकि इस ट्रेन का विस्तार वाराणसी तक भी करने का विचार किया जा रहा है। वहीं, पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन के राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू से भी अमृतसर से वाराणसी के बीच शुरू हुई ट्रेन को चंडीगढ़ के रास्ते चलाने की मांग की है।
