Chandigarh Cashier Murder: जेल में रची गई थी केमिस्ट के कैशियर की हत्या की साजिश, गोल्डी ढिल्लों के गुर्गों ने शूटरों तक पहुंचाया प्लान

जेल में रची गई थी केमिस्ट के कैशियर की हत्या की साजिश
Chandigarh Cashier Murder: सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास हत्याकांड में गिरफ्तार शूटर सन्नी मेहरा और आर्यन शर्मा को पहली बार पुलिस रिमांड मिला है। पुलिस दोनों आरोपियों से हत्या की साजिश, गैंग नेटवर्क और वारदात में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। जांच में पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश जेल के भीतर तैयार की गई थी और विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने जेल में बंद अपने गुर्गों के जरिए वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जेल से बाहर बैठे आरोपियों तक निर्देश कैसे पहुंचाए गए और शूटरों की व्यवस्था किसने की।
पुलिस के अनुसार, 13 जून को सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट में कैशियर जानकी दास पर गोलियां चलाई गई थीं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की थीं। 17 जून को सन्नी मेहरा और आर्यन शर्मा को जम्मू से गिरफ्तार किया गया था। चंडीगढ़ लाते समय दोनों ने पुलिस से भागने की कोशिश की, जिसके दौरान घायल हो गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार पूरा होने के बाद दोनों को बुड़ैल जेल भेज दिया गया था। अब पहली बार पुलिस को दोनों का रिमांड मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाने का मौका मिला है।
पुलिस पूछताछ में हत्या की साजिश के पीछे जेल कनेक्शन सामने आने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि विदेश में बैठे गोल्डी ढिल्लों ने जेल में बंद अपने गुर्गों के माध्यम से हत्या की योजना तैयार करवाई। इसके बाद शूटरों तक निर्देश पहुंचाए गए और वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश में जेल के भीतर कौन-कौन लोग शामिल थे, बाहर किस व्यक्ति ने शूटरों से संपर्क किया और हत्या के लिए हथियार कहां से उपलब्ध कराए गए।
13 जून की दोपहर सेक्टर-11 स्थित मेडिकल शॉप पर जानकी दास को निशाना बनाकर गोलियां चलाई गई थीं। वारदात के बाद पुलिस ने हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच आगे बढ़ने के साथ गैंग नेटवर्क, हथियारों की उपलब्धता और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका सामने आने लगी। अब पुलिस रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों से पूछताछ कर हथियारों के स्रोत, स्थानीय नेटवर्क और साजिश में शामिल अन्य चेहरों की जानकारी जुटाने में लगी है।
