गांव बिहाली में गूंजे सुदामा-कृष्ण मिलन के जयकारे, भावुक हुए श्रद्धालु

Narnaul/Ateli News गांव बिहाली के हनुमान मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन बुधवार को माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कथा वाचक श्याम सखा शास्त्री ने सुदामा और भगवान श्रीकृष्ण के अटूट मित्रता प्रसंग का मनमोहक वर्णन किया, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
कथा वाचक ने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर तीन मुट्ठी चावल लेकर द्वारकाधीश से मिलने पहुंचे थे। द्वारका के राजा होने के बावजूद भगवान कृष्ण ने सिंहासन से उठकर मित्र सुदामा के चरण धोए और उन्हें अपने गले से लगाया। उन्होंने कहा कि ईश्वर को धन-दौलत नहीं, बल्कि सच्चे भक्त का प्रेम और समर्पण प्रिय होता है। सुदामा संकोचवश कुछ मांग नहीं सके, लेकिन अंतर्यामी कृष्ण ने बिना मांगे ही उनकी सारी दरिद्रता दूर कर दी।
इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भजनों और जयकारों से गूंज उठा। कथा में महिला, पुरुष और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर मंदिर पुजारी सत्यनारायण शर्मा, दयाराम मिस्त्री, बिक्रम, हनुमान यादव, विजय सिंह, दीपक कुमार, मनोज पहलवान, कुलदीप कुमार, अनील कुमार, अमन, रोहतास और रतन सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग व ग्रामीण उपस्थित रहे।
