Chandigarh News: खड़गे के कथित अपमान के विरोध में चंडीगढ़ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, H.S. लकी बोले- कार्रवाई तक संघर्ष

चंडीगढ़ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
Chandigarh News: चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान के विरोध में सेक्टर-35 स्थित राजीव गांधी भवन के सामने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष H.S. लकी ने किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और पार्षद शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर और मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीरें हाथों में लेकर नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी की घटना संविधान, सामाजिक समानता और दलित सम्मान से जुड़े सवाल खड़े करती है।
हल्द्वानी की घटना को लेकर कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस के मुताबिक, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा हुई थी। पार्टी का आरोप है कि इसके दो दिन बाद कुछ संगठनों की ओर से वहां कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम किया गया और गंगाजल का छिड़काव किया गया। यह मामला संसद में भी उठा था। खड़गे ने राज्यसभा में घटना का जिक्र करते हुए इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव से जोड़ा था। कांग्रेस का कहना है कि किसी व्यक्ति के कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थान को ‘शुद्ध’ करने की कथित घटना सामाजिक भेदभाव वाली मानसिकता को दर्शाती है।
धरने को संबोधित करते हुए H.S. लकी ने कहा कि हल्द्वानी की घटना ने देश के सामने गंभीर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज भी किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर उसके स्पर्श या किसी स्थान पर जाने से उस जगह को अपवित्र मानने की मानसिकता मौजूद है। लकी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता हैं तथा अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं। उनके अनुसार, ऐसे में उनके कार्यक्रम के बाद किसी स्थान का कथित शुद्धिकरण किया जाना सिर्फ खड़गे का अपमान नहीं है, बल्कि यह दलितों और वंचित लोगों के सम्मान से जुड़ा मामला है।
‘कांग्रेस धर्म के खिलाफ नहीं’: H.S. लकी
H.S. लकी ने कहा कि कांग्रेस किसी धर्म या धार्मिक आस्था के खिलाफ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की लड़ाई उस सोच के खिलाफ है, जिसमें किसी व्यक्ति को उसकी जाति के कारण कमतर समझा जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान समानता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान से है। लकी के मुताबिक, किसी व्यक्ति के जाने के बाद सार्वजनिक स्थान का कथित शुद्धिकरण सामाजिक एकता को लेकर चिंता पैदा करता है।
कांग्रेस ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगें
चंडीगढ़ कांग्रेस ने मामले में सरकार के सामने पांच मांगें रखी हैं। पार्टी ने घटना की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने तथा कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम में शामिल लोगों की पहचान करने की मांग की। कांग्रेस ने दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने और किसी भी राजनीतिक या सामाजिक पहचान के आधार पर उन्हें संरक्षण नहीं देने की मांग भी की। इसके अलावा मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ-साथ दलित समाज और देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग रखी गई है।
‘कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करेंगे’
H.S. लकी ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ मल्लिकार्जुन खड़गे के सम्मान तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, यह संविधान से मिले बराबरी के अधिकार और प्रत्येक नागरिक के सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो चंडीगढ़ कांग्रेस अपना आंदोलन और तेज करेगी। लकी ने कहा कि सामाजिक न्याय, संविधान और दलित सम्मान से जुड़े मुद्दों पर पार्टी पीछे नहीं हटेगी।
