kurukshetra News: पंजोखरा साहिब विवाद, 25 अगस्त को अंबाला के मंजी साहिब में HSGMC की बड़ी बैठक, झींडा ने दी चेतावनी

पंजोखरा साहिब विवाद, 25 अगस्त को अंबाला के मंजी साहिब में HSGMC की बड़ी बैठक
kurukshetra News: पंजोखरा साहिब मामले को लेकर हरियाणा सरकार और सिख समाज के बीच तनातनी लगातार गहराती जा रही है। 7 अगस्त के विवाद और उसके बाद नेशनल हाईवे पर हुए पुलिस लाठीचार्ज से आक्रोशित सिख समाज ने अब अंबाला में ही अपनी ताकत दिखाने का मन बना लिया है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) ने पहले से तय 25 अगस्त की बैठक का स्थान बदल दिया है। अब यह अहम बैठक कुरुक्षेत्र के बजाय अंबाला के मंजी साहिब गुरुद्वारा में आयोजित की जाएगी।
विवाद अंबाला से शुरू हुआ, तो रणनीति भी यहीं बनेगी: झींडा
HSGMC के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने एक वीडियो संदेश जारी कर बैठक का स्थान बदलने की वजह स्पष्ट की। झींडा ने कहा कि पूरा विवाद अंबाला की धरती से शुरू हुआ था, इसलिए सिख समाज की अगली रणनीति तय करने के लिए अंबाला से बेहतर कोई स्थान नहीं हो सकता। उन्होंने प्रदेशभर की संगत से 25 अगस्त को अंबाला पहुंचने की अपील की है।
प्रशासन को सीधे लहजे में चेतावनी देते हुए झींडा ने कहा कि 25 अगस्त का समागम पूरी तरह से शांतिपूर्वक रहेगा। हालांकि, उन्होंने जिला और पुलिस प्रशासन से अपील की कि बाहर से आने वाली संगत को रास्तों में न रोका जाए। झींडा ने दो टूक कहा कि अगर पुलिस ने संगत को अंबाला आने से रोकने का प्रयास किया, तो सिख समाज मौके पर ही कोई बड़ा और कड़ा फैसला लेने को मजबूर होगा।
‘भगोड़ा नहीं हूँ, जांच अधिकारी बुलाएंगे तो खुद चला जाऊंगा’
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर पर जवाब देते हुए एचएसजीएमसी प्रधान ने कहा कि पुलिस ने सिखों के साथ-साथ उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। लेकिन वे कानून से भागने वाले नहीं हैं। झींडा ने कहा, “पुलिस को यह दुष्प्रचार बंद करना चाहिए कि कमेटी प्रधान गिरफ्तारी से बचने के लिए छिप रहे हैं। अगर जांच अधिकारी पूछताछ के लिए बुलाते हैं, तो मैं खुद उनके सामने पेश हो जाऊंगा। मुझे पकड़ने के लिए पुलिस को किसी स्पेशल फोर्स की जरूरत नहीं पड़ेगी।”
वार्ता चल रही थी, पुलिस ने अचानक कर दिया लाठीचार्ज
7 अगस्त को पंजोखरा साहिब में गुरसिमरन सिंह मंड और सिख समाज के बीच हुए विवाद ने तब बड़ा रूप ले लिया था जब कुछ सिख युवाओं को हिरासत में ले लिया गया। युवाओं की रिहाई और मंड पर कार्रवाई की मांग को लेकर सिख समाज ने नेशनल हाईवे पर धरना दे दिया था। मंड पर पर्चा दर्ज होने के बाद भी जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर हाईवे खाली कराया था।
झींडा ने पुलिस की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आवास स्तर पर प्रशासन और सिख समाज के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर चल रहा था। हाईवे खाली कराने को लेकर लगभग सहमति बन चुकी थी, लेकिन इसी बीच पुलिस ने बिना किसी पूर्व घोषणा के अचानक लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस के इस रवैये से सिख समाज में भारी नाराजगी है। ऐसे में 25 अगस्त को मंजी साहिब गुरुद्वारा में होने वाली बैठक को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
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