Jaipur News: जयपुर में स्कूल से टीसी कटने पर अजमेरी गेट पर चढ़ा 12वीं का छात्र, हाथ में था मिर्च स्प्रे, पुलिस ने 45 मिनट बाद सुरक्षित उतारा

जयपुर में स्कूल से टीसी कटने पर अजमेरी गेट पर चढ़ा 12वीं का छात्र
Jaipur News: जयपुर में स्कूल से टीसी काटे जाने से नाराज 12वीं कक्षा का एक छात्र बुधवार सुबह अजमेरी गेट पर चढ़ गया। करीब 9:30 बजे छात्र को गेट के ऊपर देखकर आसपास मौजूद लोग हैरान रह गए। उसने नीचे कूदने की धमकी दी, जिसके बाद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामला जालूपुरा थाना इलाके का है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं हुआ। छात्र अपने साथ मिर्च स्प्रे भी लेकर गया था।
मोबाइल नीचे फेंका, मां को मौके पर बुलाया
पुलिसकर्मियों ने छात्र से बातचीत शुरू की और उसे लगातार बातों में उलझाए रखा। इसी दौरान थानाधिकारी बृजेश सिंह ने उससे बातचीत की। छात्र ने अपना मोबाइल नीचे फेंक दिया, जिसके जरिए पुलिस ने उसकी मां से संपर्क किया। पुलिस ने उसकी मां को मौके पर बुलाया। मां ने भी काफी देर तक बेटे को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र नीचे आने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने सिविल डिफेंस टीम को मौके पर बुलाया।
नीचे जाल बिछाकर तैयार थी सिविल डिफेंस टीम
सिविल डिफेंस की टीम ने एहतियात के तौर पर अजमेरी गेट के नीचे जाल बिछाया। इस दौरान पुलिसकर्मी छात्र को बातचीत में उलझाए रहे, ताकि वह अचानक कोई कदम न उठा सके। छात्र का मुंह MI रोड की तरफ था। इसी दौरान कॉन्स्टेबल अविनाश गेट की दूसरी तरफ पहुंचे और पीछे की ओर से ऊपर चढ़ गए। उन्होंने मौका देखकर छात्र को काबू किया और करीब 10:15 बजे उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया।
स्कूल से टीसी काटे जाने के बाद से नाराज था
एसीपी कोतवाली ओमप्रकाश के मुताबिक, छात्र पहले चित्रकूट इलाके के एक निजी स्कूल में पढ़ता था। पुलिस के अनुसार, वह स्कूल में गोरक्षा से जुड़ी बातों का प्रचार करता था, जिसके बाद स्कूल ने उसकी टीसी काट दी थी। टीसी कटने के बाद छात्र ने दूसरे स्कूल में दाखिला ले लिया था। पूछताछ में उसने पहले स्कूल के फैसले को गलत बताया और कहा कि इसी बात से नाराज होकर वह अजमेरी गेट पर चढ़ गया था।
समझाइश के बाद परिजनों को सौंपा
पुलिस ने छात्र को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद उसकी काउंसलिंग और पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में स्कूल से नाराजगी की बात सामने आई है। पुलिस ने समझाइश के बाद नाबालिग छात्र को उसके परिजनों को सौंप दिया। करीब 45 मिनट तक चले इस घटनाक्रम में पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम ने बातचीत और सुरक्षा इंतजाम के जरिए छात्र को सुरक्षित नीचे उतारा।
