Yamunanagar News: डारपुर के जंगल से गायब हुए 300 खैर के पेड़, ग्रामीणों ने रखवालों पर ही जड़े गंभीर आरोप

डारपुर के जंगल से गायब हुए 300 खैर के पेड़
Yamunanagar News: हरियाणा के यमुनानगर जिले में शिवालिक की पहाड़ियों से सटे डारपुर बीट के जंगलों में कीमती खैर के पेड़ों की कटाई का मामला गरमा गया है। हरियाली और वन्य संपदा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले वन्यजीव विभाग की कार्यप्रणाली पर ही अब उंगलियां उठने लगी हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने कथित अवैध कटाई को लेकर ऐसे तथ्य सामने रखे हैं, जिन्होंने महकमे के गश्ती दावों की पोल खोलकर रख दी है। ग्रामीणों के अनुसार डारपुर के जंगल से पिछले कुछ समय के भीतर लगभग 200 से 300 खैर के हरे-भरे पेड़ काटकर गायब कर दिए गए हैं।
कर्मचारियों के घर पर कटी लकड़ी का जखीरा, माफिया से साठगांठ का आरोप
ग्रामीणों का आरोप केवल जंगलों से पेड़ कटने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने वन्यजीव विभाग के गार्ड प्रदीप और कर्मचारी आरिफ पर खैर माफियाओं के साथ सीधी मिलीभगत का सनसनीखेज आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने दावा किया है कि जिन कंधों पर जंगल की रखवाली की जिम्मेदारी है, उन्हीं कर्मचारियों के मकान की छत पर खैर के कटे हुए टुकड़ों का भारी जखीरा जमा है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर लगभग 40 से 50 क्विंटल खैर की लकड़ी मौजूद है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी भारी रोष है कि जब भी वे तस्करी की शिकायत लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं, तो कार्रवाई करने के बजाय उन पर ही झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकियां दी जाती हैं।
दरोगा बोले- दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम पर डारपुर बीट के दरोगा नरेश कुमार का कहना है कि वन्यजीव विभाग अवैध कटाई को लेकर पूरी तरह सख्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी विभागीय कर्मचारी के घर या छत से अवैध खैर की लकड़ी बरामद होती है, तो उसके खिलाफ कानून और नियमों के तहत सख्त से सख्त कदम उठाया जाएगा। हालांकि, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए इन आरोपों की अभी स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि होना बाकी है।
अब देखना यह होगा कि क्या उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर विभागीय निगरानी की जवाबदेही तय करते हैं या फिर यह मामला भी हमेशा की तरह महज जांच की फाइलों में सिमट कर रह जाएगा।
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