MCM College Chandigarh: MCM कॉलेज के बाहर छात्राओं से छेड़छाड़ और वीडियो बनाने के आरोप, मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

MCM कॉलेज के बाहर छात्राओं से छेड़छाड़ और वीडियो बनाने के आरोप
MCM College Chandigarh: चंडीगढ़ के सेक्टर-36A स्थित मेहर चंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर वूमन (MCM) के बाहर कथित हुड़दंग और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग (PSHRC) ने सख्त रुख अपनाया है। कॉलेज की छुट्टी के समय ‘गेड़ी रूट’ पर कथित अव्यवस्था, तेज और लापरवाही से वाहन चलाने, छात्राओं पर फब्तियां कसने और छेड़छाड़ के आरोपों पर आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। मामले में आयोग ने चंडीगढ़ के SSP से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस संत प्रकाश और सदस्य जस्टिस गुरबीर सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के बाद पुलिस को मामले में स्थिति स्पष्ट करनी होगी। आयोग ने कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के सार्वजनिक स्थान छात्राओं और महिलाओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित होने चाहिए।
कॉलेज की छुट्टी के बाद युवकों के जमा होने का आरोप
सेक्टर-36A निवासी कुलबीर सिंह राणा ने आयोग को दी शिकायत में आरोप लगाया कि कॉलेज की छुट्टी के समय अज्ञात युवक कॉलेज के बाहर जमा होते हैं। शिकायत के अनुसार, कुछ युवक लापरवाही से गाड़ियां चलाते हैं, जिससे इलाके में यातायात बाधित होता है। शिकायत में छात्राओं पर फब्तियां कसने, तंज करने और कथित छेड़छाड़ के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा छात्राओं की बिना अनुमति वीडियो बनाने की बात भी शिकायत में कही गई है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, गाड़ियों का शोर और कथित हुड़दंग देर रात तक जारी रहता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है।
6 अगस्त को कॉलेज गेट के बाहर मारपीट का भी जिक्र
शिकायतकर्ता ने 6 अगस्त 2026 की एक घटना का भी हवाला दिया है। उसके मुताबिक, दोपहर करीब 2:35 बजे MCM कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर दो गुटों के बीच मारपीट हुई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर PCR बुलानी पड़ी थी। शिकायतकर्ता ने इस घटना को भी कॉलेज के आसपास की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंता के तौर पर आयोग के सामने रखा है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और आयोग के समक्ष पेश की जाने वाली रिपोर्ट के बाद ही होगी।
स्थानीय लोगों ने पुलिस बीट बॉक्स की मांग की
स्थानीय निवासियों ने कॉलेज के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने वेरका बूथ के पास स्थायी पुलिस बीट ऑफिस स्थापित करने की मांग रखी है, ताकि इलाके में पुलिस की नियमित मौजूदगी बनी रहे। इसके साथ ही क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और वाहनों की जांच के लिए चेकिंग प्वाइंट लगाने की मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलेज की छुट्टी के समय ट्रैफिक और भीड़ की स्थिति को देखते हुए उस दौरान विशेष निगरानी की जरूरत है।
ट्रैफिक और छात्राओं की सुरक्षा पर आयोग की चिंता
मानवाधिकार आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा पर जोर दिया है। आयोग के अनुसार ट्रैफिक जाम, छेड़छाड़ और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए प्रभावी पुलिस व्यवस्था जरूरी है। कॉलेज के बाहर भीड़ और वाहनों की अव्यवस्था का असर सिर्फ यातायात पर नहीं पड़ता, बल्कि छात्राओं, कॉलेज स्टाफ और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से आयोग ने पुलिस से मामले की स्थिति और अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
SSP को अगली सुनवाई से पहले देनी होगी रिपोर्ट
PSHRC ने चंडीगढ़ SSP को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई की तारीख से एक सप्ताह पहले मामले की विस्तृत रिपोर्ट आयोग के सामने पेश की जाए। रिपोर्ट में शिकायत में लगाए गए आरोपों और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल आयोग की कार्रवाई के बाद कॉलेज के आसपास सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पुलिस की निगरानी में आने की संभावना है। आगे की सुनवाई में पुलिस रिपोर्ट के आधार पर आयोग इस मामले में आगे के निर्देश दे सकता है।
