Haryana News: हरियाणा में गन्ने के भाव पर छिड़ा संग्राम, 600 रुपये क्विंटल की मांग, 3 सितंबर को रादौर में बड़ी महापंचायत

हरियाणा में गन्ने के भाव पर छिड़ा संग्राम, 600 रुपये क्विंटल की मांग, 3 सितंबर को रादौर में बड़ी महापंचायत
Haryana News: हरियाणा में खेती की लगातार बढ़ रही लागत और फसलों के मुकम्मल दाम न मिलने को लेकर किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर उतरने को आमादा है। खाद, बीज, डीजल, कीटनाशक और कृषि उपकरणों से लेकर मजदूरी तक के दामों में हुए बेतहाशा इजाफे ने किसानों का गणित बिगाड़ कर रख दिया है। इसी कड़ी में करनाल के इंद्री स्थित किसान भवन में ‘गन्ना संघर्ष समिति’ और भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों की एक साझा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कृषि संकट और किसानों की लंबित मांगों पर तीखा मंथन हुआ।
“उपपाद महंगे, तो गन्ने का दाम कम क्यों?”
बैठक में किसानों ने साफगोई से कहा कि मौजूदा समय में गन्ने का भाव किसानों के लिए सरासर घाटे का सौदा साबित हो रहा है। किसान नेताओं ने तर्क दिया कि गन्ने से तैयार होने वाली चीनी, एथेनॉल, शीरा और गुड़ के बाजार भाव लगातार चढ़ रहे हैं, लेकिन जो किसान रात-दिन पसीना बहाकर गन्ना उगाता है, उसे उसकी लागत तक नहीं मिल पा रही।
यही वजह है कि प्रदेश में गन्ने का रकबा साल-दर-साल घटता जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य (SAP) बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दे, तो किसानों का भरोसा एक बार फिर इस नकदी फसल की ओर लौटेगा और रकबे में भी इजाफा होगा।
15 सितंबर से शुरू हो धान की सरकारी खरीद
बैठक के दौरान धान की आवक और सरकारी खरीद का मुद्दा भी गरमाया रहा। किसान नेता रामपाल चहल ने पुरजोर मांग उठाई कि इस बार धान की सरकारी खरीद हर हाल में 15 सितंबर से शुरू की जानी चाहिए। उनका तर्क था कि अगेती किस्मों की कटाई शुरू हो चुकी है, ऐसे में अगर सरकारी खरीद समय पर शुरू नहीं हुई तो मंडियों में आढ़तियों और प्राइवेट व्यापारियों के हाथों किसानों का शोषण होगा और उन्हें औने-पौने दामों पर अपनी उपज बेचनी पड़ेगी।
3 सितंबर को रादौर में चढ़ूनी की अगुवाई में हुंकार
अपनी मांगों पर सरकार की बेरुखी से नाराज किसान नेताओं ने आंदोलन को नई धार देने की रणनीति तैयार कर ली है। इसी क्रम में 3 सितंबर 2026 को यमुनानगर के रादौर में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में होने वाली इस महापंचायत में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में किसानों के पहुंचने का दावा किया गया है। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि अगर समय रहते सरकार ने गन्ने के भाव और धान खरीद पर ठोस फैसला नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप अख्तियार करेगा।
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