प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को बदलने पर कर में मिलेगी छूट, पंजीकरण शुल्क माफ व ऋण पर ब्याज में सब्सिडी

Narnaul News:
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम कसने और पुराने प्रदूषणकारी वाहनों की जगह स्वच्छ वाहनों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने में जुट गया है। इसी कड़ी में बुधवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त अनुपमा अंजली की अध्यक्षता में परिवर्तन योजना को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निजी स्कूल संघ के अध्यक्ष, जिले के निजी शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य, निजी बसों के मालिक व अध्यक्ष, ट्रक यूनियन के पदाधिकारी, माल वाहनों के मालिक तथा विभिन्न वाहन निर्माता कंपनियों के डीलर मौजूद थे।
डीसी ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनसीआर क्षेत्र में चलने वाले पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों व बसों (बीएस-वन, बीएस-टू, बीएस-थ्री और बीएस-फोर श्रेणी) को बदलकर उनकी जगह बीएस-सिक्स मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहन लगवाने के लिए यह योजना शुरू की है। योजना के तहत वाहन मालिकों को कई तरह के प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिनमें मोटर वाहन कर में छूट, पंजीकरण शुल्क की पूरी माफी, नए वाहन के ऋण पर ब्याज में सब्सिडी, वाहन निर्माता कंपनी की ओर से न्यूनतम आठ प्रतिशत तक की छूट तथा पुराना वाहन कबाड़ में देने पर एकमुश्त आर्थिक सहायता या मासिक ईंधन वाउचर जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र में जमा कराने पर ही यह लाभ मिलेगा। पूरी प्रक्रिया एक समर्पित डिजिटल पोर्टल parivahan.gov.in के जरिए पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
बैठक में डीसी ने कहा कि यह योजना न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मददगार साबित होगी, बल्कि वाहन मालिकों को आर्थिक रूप से भी लाभ पहुंचाएगी। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने स्तर पर भी इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक वाहन मालिकों, स्कूल संचालकों व ट्रांसपोर्टरों तक पहुंचाएं, ताकि जिले के लोग इस योजना का पूरा लाभ उठा सकें।
