September 3, 2026

Haryana Weather: उमस से मिलेगी राहत, हरियाणा में अगले 3 दिन झमाझम बारिश के आसार, जानें आपके जिले का हाल

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Haryana Weather: उमस से मिलेगी राहत, हरियाणा में अगले 3 दिन झमाझम बारिश के आसार, जानें आपके जिले का हाल

उमस से मिलेगी राहत, हरियाणा में अगले 3 दिन झमाझम बारिश के आसार

Haryana Weather: हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से जारी उमस और तेज धूप के पसीने छुड़ाने वाले दौर पर अब ब्रेक लगने वाला है। मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में आज से मानसूनी हवाएं एक बार फिर सक्रिय हो रही हैं। मध्यप्रदेश के ऊपर बने एक नए चक्रवातीय सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) के असर से मानसूनी हवाओं की दिशा बदल रही है। इसके चलते सूबे में अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने 6 सितंबर तक पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने का दावा किया है।

मौसम विभाग ने सतर्कता बरतते हुए उत्तरी हरियाणा के तीन प्रमुख जिलों—पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर—में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद, भिवानी, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी, कैथल, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी हल्की बूंदाबांदी का दौर देखा जा सकता है। मानसूनी प्रणाली में आए इस बदलाव से सीधे तौर पर हरियाणा के मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।

हिसार रहा सबसे गर्म, पलवल में दर्ज हुई सबसे ठंडी रात; अब पारे में आएगी गिरावट

मानसून के सुस्त पड़ने का सीधा असर हरियाणा के तापमान पर देखने को मिल रहा था। बीते दिनों राज्य के अधिकतर हिस्सों में पारा सामान्य से ऊपर चला गया। आंकड़ों के मुताबिक, हिसार 37.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। वहीं अंबाला में 34.1 डिग्री, करनाल में 34.2 डिग्री, भिवानी में 35.5 डिग्री और गुरुग्राम में 32.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। रात के तापमान की बात करें तो पलवल में पारा गिरकर 24.5 डिग्री तक पहुंचा, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

मौसम वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि अब जैसे ही झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा, दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से हवा में नमी बढ़ेगी और पिछले एक हफ्ते से परेशान कर रही चिपचिपी उमस से लोगों को निजात मिलेगी। विशेषकर दक्षिण और पश्चिम हरियाणा के जिलों में 5 और 6 सितंबर को बारिश की रफ्तार और तेज होने की संभावना जताई गई है।

अगस्त में सामान्य से 7% कम बरसे बादल, करनाल और जींद में पानी का भारी अकाल

इस साल मानसूनी सीजन के तीन महीने बीतने के बाद भी हरियाणा के खाते में उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं आई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अगस्त महीने में महज 135.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 146.1 मिमी रहता है। यह पिछले 3 वर्षों में अगस्त के दौरान हुई सबसे कम बारिश है। 1 जून से 31 अगस्त के कुल आंकड़ों को देखें तो राज्य में 349.9 मिमी की औसत बारिश के मुकाबले केवल 283.4 मिमी पानी ही बरसा है, यानी कुल मिलाकर करीब 19% की कमी दर्ज हुई है।

हालांकि, प्रदेश के अलग-अलग जिलों के बीच बारिश का अंतर बेहद चौंकाने वाला है। एक तरफ जहां भिवानी में सामान्य से 41% अधिक, पलवल में 26%, नूंह में 25% और गुरुग्राम में 17% ज्यादा बारिश हुई है; वहीं दूसरी तरफ धान का कटोरा कहे जाने वाले करनाल में सामान्य से 68% कम वर्षा हुई है। जींद में 51%, कैथल में 49% और अंबाला में 37% कम बारिश के चलते किसानों को सिंचाई के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। अब सितंबर की इस मानसूनी वापसी से कृषि क्षेत्र को भी बड़ी उम्मीदें बंध गई हैं।

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