Punjab Politics : SAD-BJP Alliance को जनता 2027 में सिखाएगी सबक : सीएम भगवंत मान

सीएम भगवंत मान
Punjab Politics | SAD-BJP Alliance | पंजाब के राजनीतिक गलियारों में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के फिर से एक साथ आने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोनों दलों पर बड़ा हमला बोला है। संगरूर हलके के गांव शेरों में आयोजित ‘लोक मिलणी’ कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा तीन विवादित कृषि कानूनों को वापस लाने की शर्त पर अकाली दल के साथ गठबंधन की पटकथा लिख रही है।
मान ने कहा कि जिन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए आंदोलन में राज्य के 750 से अधिक किसानों ने अपनी जान गंवाई, अकालियों को आज उसी भाजपा के साथ हाथ मिलाने में जरा भी हिचक नहीं हो रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता की कुर्सी हासिल करने के लिए अकाली दल का नेतृत्व पंजाब के हितों का सौदा करने पर आमादा है। उनके पास न तो कोई विचारधारा बची है और न ही राज्य के कल्याण का कोई स्पष्ट एजेंडा।
भगवंत मान ने पंजाब यूनिवर्सिटी के हालिया चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि वहां भाजपा और अकाली दल की आपसी सांठगांठ पूरी तरह उजागर हो चुकी है। उन्होंने आगाह किया कि यदि यह गठबंधन फिर से वजूद में आता है तो किसानों पर वही नीतियां फिर थोंपने की साजिश रची जाएगी, लेकिन पंजाब की समझदार जनता अपने शहीद किसानों के संघर्ष को दरकिनार कर इन्हें कभी वोट नहीं देगी।
“विपक्ष ने पीढ़ियां बर्बाद कीं, कॉन्वेंट में पढ़े नेताओं को जमीनी हकीकत का पता नहीं”
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े और सुख-सुविधाओं में पले-बढ़े नेताओं को पंजाब की जमीनी हकीकत का कोई अहसास नहीं है। अकाली नेतृत्व को पंजाब की बुनियादी फसलों तक का फर्क नहीं मालूम।
मान ने आरोप लगाया कि पारंपरिक पार्टियों के शह पर फैले नशे के कारोबार ने पंजाब की कई पीढ़ियों को तबाह कर दिया। पिछली सरकारों के दौरान सत्ता के संरक्षण में नशा बिका, जबकि कांग्रेस, अकाली और भाजपा आपस में ‘उतर काटो मैं चढ़ां’ का खेल खेलकर एक-दूसरे के कुकर्मों पर पर्दा डालते रहे।
कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेसी नेता केवल कुर्सी की लड़ाई में उलझे हुए हैं, जबकि उनकी सरकार दिन-रात ‘रंगला पंजाब’ बनाने में जुटी है। उन्होंने दावा किया कि दशकों तक पंजाब को दीमक की तरह चाटने वाली ये पारंपरिक पार्टियां अब ‘आप’ सरकार की बढ़ती साख से बौखला गई हैं, इसीलिए हर दिन उनके खिलाफ एकजुट होकर बयानबाजी कर रही हैं।
साढ़े चार साल का रिपोर्ट कार्ड: शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई में ऐतिहासिक सुधार
अपनी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए भगवंत मान ने कहा कि आज राज्य के 90 फीसदी से ज्यादा घरों का बिजली बिल जीरो आ रहा है और युवाओं को बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के 70 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है।
इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के जरिए राज्य की करीब 97 प्रतिशत महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता दी जा रही है। कृषि सुधारों का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि 2022 में जहां सिर्फ 26 फीसदी जमीनों को नहरी पानी मिलता था, वहीं आज 7,200 करोड़ रुपये खर्च करके इसे 80 फीसदी तक पहुंचा दिया गया है।
आजादी के बाद पहली बार 1,587 ऐसे गांवों में नहरी पानी पहुंचा है जहां पहले कोई सोच भी नहीं सकता था। शिक्षा व्यवस्था में आए बदलाव पर उन्होंने कहा कि 2021 में सरकारी स्कूलों के महज 80 बच्चे नीट (NEET) परीक्षा पास कर पाए थे, जबकि 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 882 हो गया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जनता के टैक्स का एक-एक पैसा अब सीधे विकास कार्यों में इस्तेमाल हो रहा है।
