नेपाल बाढ़: 2 मजदूर 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकले, करीब 600 बच्चे अब भी लापता, UN में मुद्दा उठाएंगे PM शाह

त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से रेस्क्यू टीम ने 2 मजदूरों को जिंदा बाहर निकाल लिया।
Nepal Flood Rescue: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के 10 दिन बाद शुक्रवार सुबह एक राहत भरी खबर सामने आई। त्रिशूली-3 ‘A’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से रेस्क्यू टीम ने 2 मजदूरों को जिंदा बाहर निकाल लिया। दोनों की पहचान संजय साह और कबीर महर्जन के रूप में हुई है।
बाढ़ के बाद सुरंग में 42 कर्मचारी और मजदूरों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। दो मजदूरों के सुरक्षित मिलने के बाद सुरंग के भीतर फंसे अन्य लोगों को लेकर भी उम्मीद बढ़ी है।
सुरंग से आवाज सुनाई दी, फिर तेज हुआ रेस्क्यू
बचाव अभियान के दौरान सुरंग के भीतर से इंसानी आवाज सुनाई देने की सूचना मिली थी। इसके बाद नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें सुरंग के अंदर दाखिल हुईं और तलाशी अभियान तेज कर दिया।
रेस्क्यू टीम ने अभियान चलाकर संजय साह और कबीर महर्जन को सुरक्षित बाहर निकाला। अब बचाव दल सुरंग के अंदर अन्य संभावित लोगों की तलाश कर रहे हैं।
नेपाल में 5,300 से ज्यादा लोग अब भी लापता
बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। अब तक 1,259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5,300 से ज्यादा लोग लापता बताए गए हैं।
राहत और बचाव दलों ने अब तक 12,038 लोगों को सुरक्षित निकाला है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से तलाशी अभियान लगातार जारी है।
चितवन में सबसे ज्यादा शव मिले, 95 की पहचान
नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में शवों की बरामदगी का अभियान भी जारी है। चितवन जिले में सबसे ज्यादा शव बरामद किए गए हैं और अब तक मिले शवों में से 95 की पहचान हो चुकी है।
प्रशासन और बचाव दल एक तरफ लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बरामद शवों की पहचान कर उन्हें परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
रसुवा-नुवाकोट में करीब 600 बच्चे लापता
रसुवा और नुवाकोट में फ्लैश फ्लड के बाद करीब 600 बच्चे अब भी लापता हैं। रसुवा में करीब 280, जबकि नुवाकोट में 300-350 बच्चों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
अकेले नुवाकोट की बिदुर नगरपालिका में करीब 250 बच्चे लापता बताए गए हैं। प्रशासन और स्कूलों से बच्चों से जुड़े आंकड़े जुटाए जा रहे हैं, लेकिन संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण सटीक संख्या तय करने में मुश्किल आ रही है।
कुछ बच्चों का पता चल चुका है, लेकिन अलग-अलग स्कूलों से नए लापता बच्चों की जानकारी भी सामने आ रही है। बाढ़ में दोनों जिलों के 22 शिक्षक और स्कूल कर्मचारी भी लापता हैं।
नेपाल ने भारत से मुआवजा मांगने से किया इनकार
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि नेपाल ने भारत, चीन या अमेरिका से जलवायु मुआवजे की मांग नहीं की है। उन्होंने कहा कि नेपाल की अपील सिर्फ इतनी है कि दुनिया रसुवा की आपदा को जलवायु परिवर्तन के असर के नजरिए से देखे और हिमालयी देशों की मदद के लिए आगे आए।
खनाल ने भारत की ओर से दी गई तत्काल राहत और बचाव सहायता के लिए आभार भी जताया।
एनवीडिया ने राहत के लिए 1 करोड़ डॉलर दिए
अमेरिकी टेक कंपनी एनवीडिया ने भोटेकोशी बाढ़ के बाद राहत और पुनर्निर्माण के लिए 10 मिलियन डॉलर यानी 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता दी है। यह राशि करीब 1.5 अरब नेपाली रुपए के बराबर है।
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग को मदद के लिए धन्यवाद दिया। वागले के मुताबिक, इस सहायता के बाद प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 10 अरब नेपाली रुपए से ज्यादा जमा हो चुके हैं।
UN में जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठाएंगे PM शाह
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में जलवायु परिवर्तन और पर्वतीय क्षेत्रों पर इसके असर का मुद्दा उठा सकते हैं। रसुवा में विनाशकारी बाढ़ के बाद शाह ने महासभा में शामिल होने की इच्छा जताई है।
विदेश मंत्रालय ने न्यूयॉर्क दौरे की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शाह ने पहले महासभा में शामिल नहीं होने का फैसला किया था, जिसके बाद कैबिनेट ने विदेश मंत्री शिशिर खनाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया था।
