September 9, 2026

NarnauNarnaul :नसीबपुर में सड़क निर्माण की मांग को लेकर धरना छठे दिन भी जारी, 10 सितंबर तक समाधान नहीं हुआ तो आमरण अनशन की चेतावनी

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Narnaul: हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी नसीबपुर में क्षतिग्रस्त सड़कों के नवनिर्माण की मांग को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा दिया जा रहा धरना बुधवार को छठे दिन भी जारी रहा। कॉलोनीवासियों का कहना है कि लंबे समय से खराब पड़ी सड़कों के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से होने के कारण पैदल चलने वालों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी होती है।

धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि उनकी मांग किसी व्यक्तिगत हित से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह पूरी कॉलोनी की मूलभूत सुविधा और आमजन की समस्या है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति देखने तथा जल्द से जल्द सड़क निर्माण का कार्य शुरू करवाने की मांग की है।

धरने के दौरान महिला शक्ति द्वारा नियमित रूप से कीर्तन-भजन भी किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचा रही हैं। उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि अपनी जायज मांग की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है।

🔥 गिरीश खेड़ा ने दी आमरण अनशन की चेतावनी

धरने के छठे दिन क्रांतिकारी प्रमुख समाजसेवी गिरीश खेड़ा ने कहा कि नसीबपुर के लोगों की सड़क निर्माण की मांग को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और शासन-प्रशासन को समय रहते इसका समाधान करना चाहिए।

गिरीश खेड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर 10 सितंबर तक शासन-प्रशासन द्वारा सड़क निर्माण की मांग का समाधान नहीं किया गया, तो वह आमरण अनशन पर बैठेंगे। उनके इस ऐलान के बाद धरनास्थल पर मौजूद लोगों में आंदोलन को लेकर और अधिक उत्साह देखने को मिला।

धरनारत लोगों का कहना है कि वे लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा। वहीं, अब सभी की नजर 10 सितंबर पर टिकी हुई है कि उससे पहले प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण कराया जाए और सड़क निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराकर कॉलोनीवासियों को राहत दी जाए।

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