Rewari : धारूहेड़ा मर्डर केस में बड़ा खुलासा, चोरी के शक में डेयरी संचालक के बेटों और स्थानीय लोगों ने की थी नासिर की पिटाई, एक गिरफ्तार

प्रेस कॉंन्फ्रेंस कर मर्डर केस में जानकारी देते डीएसपी व एसएचो
Rewari : रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा क्षेत्र में हुई नासिर की हत्या के मामले में पुलिस की जांच में सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड में केवल डेयरी संचालक के दो बेटे ही नहीं, बल्कि सैय्यद कॉलोनी के अन्य स्थानीय निवासी भी शामिल थे, जिनकी संलिप्तता की गहनता से जांच की जा रही है। घटना के करीब 15 घंटे बाद पुलिस को इस हत्याकांड का पता चल सका था।
धारूहेड़ा की सैय्यद कॉलोनी निवासी कपड़ा दुकानदार योगेश की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस पूरी वारदात की परतें खोली हैं।
डीएसपी मुख्यालय संजीव बल्हारा ने अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धारूहेड़ा थाना प्रभारी फूल कुमार और उनकी टीम ने मुख्य आरोपी योगेश को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि अन्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
सुबह 5 बजे पकड़ा, बर्बर पिटाई से हुई मौत
डीएसपी ने पूछताछ के खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि वारदात वाले दिन सुबह करीब 5 बजे बॉस रोड पर कुछ लोगों ने चोरी के शक में अलवर (राजस्थान) के खैरथल के गांव दमदमा निवासी नासिर को पकड़ लिया था।
इसके बाद उसके साथ जमकर मारपीट की गई। नासिर की पिटाई करने वालों में मुख्य रूप से डेयरी संचालक के दो बेटे और उनके दो अन्य साथी शामिल थे। जब नासिर को पकड़ा गया, उस समय मौके पर कॉलोनी के कई अन्य लोग भी इकट्ठा हो गए थे, जिन्होंने पूछताछ के नाम पर उसके साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान आई गंभीर चोटों और अत्यधिक खून बहने के कारण नासिर की मौके पर ही मौत हो गई थी।
शव को ठिकाने लगाने के लिए चुनी गई डेयरी
आरोपियों ने वारदात को छिपाने के लिए एक शातिर योजना बनाई थी। पूछताछ में सामने आया कि नासिर की मौत के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से गांव भटसाना स्थित एक डेयरी को चुना।
आरोपियों का मानना था कि डेयरी परिसर में पशुओं की मौत के बाद उन्हें जमीन में दफनाया जाता है, इसलिए यदि वे नासिर के शव को भी डेयरी में दफना देंगे तो किसी को कभी शक नहीं होगा। हालांकि, डेयरी में काम करने वाले नौकरों को जब बदबू और इस पूरी गतिविधि पर संदेह हुआ, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी, जिससे आरोपियों का यह काला राज खुल गया।

ऐसे हुआ था मामले का खुलासा
रविवार 6 सितंबर की शाम को पुलिस को सूचना मिली थी कि फाजिलपुर निवासी अरुण उर्फ मन्नू की गांव भटसाना स्थित डेयरी में एक शव दबा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रात करीब ढाई बजे तीन फीट गहरे गड्ढे से शव को बाहर निकाला।
7 सितंबर की रात को मृतक की शिनाख्त नासिर के रूप में हुई। इसके बाद मृतक के पिता जमील की शिकायत पर डेयरी संचालक के दो बेटों समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार आरोपी योगेश ने पूछताछ में बताया कि उसे उसके दोस्त ने फोन करके एक चोर के पकड़े जाने की सूचना दी थी, जिसके बाद वह मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल बाकी नामजद और अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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