Yamunanagar News: प्रतापनगर के अराइयांवाला में हाथियों का हमला, खेतों की फेंसिंग तोड़ी, धान की फसल तहस-नहस

प्रतापनगर के अराइयांवाला में हाथियों का हमला, खेतों की फेंसिंग तोड़ी
Yamunanagar News: प्रतापनगर रघबीर सिंह। यमुनानगर जिले के प्रतापनगर क्षेत्र में वन्य जीवों और इंसानों के बीच संघर्ष का एक नया मामला सामने आया है। प्रतापनगर के निकटवर्ती गांव अराइयांवाला में बीती रात कलेसर नेशनल पार्क से भटककर आए जंगली हाथियों के एक झुंड ने खेतों में भारी उत्पात मचाया। हाथियों के इस दल ने न केवल खेतों में खड़ी धान की फसल को रौंद दिया, बल्कि सुरक्षा के लिए लगाई गई बाड़ को भी पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।
सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। लहलहाती फसल की जगह केवल हाथियों के पैरों के निशान और रौंदी हुई फसल दिखाई दे रही थी।
4-5 एकड़ धान की फसल नष्ट, तारबाड़ भी तोड़ी
पीड़ित किसानों ने बताया कि कलेसर नेशनल पार्क की सीमा से सटे होने के कारण अक्सर रात के अंधेरे में जंगली जानवर खेतों का रुख कर लेते हैं। बीती रात भी हाथियों का झुंड खेतों में दाखिल हुआ और देखते ही देखते लगभग चार से पांच एकड़ में फैली धान की फसल को बुरी तरह बर्बाद कर दिया।
फसल को बचाने के लिए किसानों ने खेतों के चारों ओर जो मजबूत तारबाड़ कराई थी, हाथियों ने उसे भी उखाड़कर फेंक दिया। इससे अब आगे भी जंगली जानवरों के बेरोकटोक खेतों में घुसने का खतरा बन गया है। इस आपदा से किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
“मेहनत पर फिरा पानी, सरकार दे मुआवजा” — पीड़ित किसान
स्थानीय किसान जसबीर सिंह, पाला राम और रामपाल ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्होंने दिन-रात मेहनत करके और कर्ज लेकर फसल तैयार की थी। फसल पकने के करीब थी, लेकिन हाथियों के इस हमले ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया।
किसानों ने वन विभाग और प्रदेश सरकार से मांग की है कि मौके का तुरंत गिरदावरी (विशेष निरीक्षण) कराया जाए और बर्बाद हुई फसल तथा क्षतिग्रस्त तारबाड़ का उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस भारी आर्थिक संकट से उबर सकें।
वन विभाग की अपील: वन्य जीवों से बनाएं सुरक्षित दूरी
घटना के बाद वन विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला इंस्पेक्टर लीलू राम ने क्षेत्रवासियों और किसानों से शांति बनाए रखने और सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी गांव में जंगली हाथी या अन्य कोई हिंसक वन्य जीव दिखाई दे, तो उसके करीब जाने, शोर मचाने या उसे छेड़ने की गलती बिल्कुल न करें।
जिला इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया कि वन्य जीव के दिखने पर तुरंत वन विभाग के कंट्रोल रूम या स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें। विभाग की टीम गश्त बढ़ा रही है ताकि हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ा जा सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
यह भी पढ़ें– यमुनानगर में पुलिस का बड़ा एक्शन, देवधर गांव में नारकोटिक डॉग के साथ नशा तस्करों के ठिकानों पर रेड
