Punjab Roadways Contract Workers Strike : 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे मुलाजिम, सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे मुलाजिम, सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
Punjab Roadways Contract Workers Strike : चंडीगढ़ में परिवहन विभाग के भीतर एक बार फिर बड़ा घमासान मचने के आसार बन गए हैं। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (25/11) ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरकार की तरफ से लगातार बैठकों की तारीखें टरकाए जाने से नाराज यूनियन ने आगामी 22 सितंबर से पूरे पंजाब में चक्का जाम करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले से आम यात्रियों और खासतौर पर रोजाना सफर करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
बार-बार मीटिंग टालने से भड़के कर्मचारी, सरकार पर लगाया समय गंवाने का आरोप
यूनियन के राज्य प्रधान रेशम सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मुलाजिमों की जायज मांगों पर विचार करने के लिए बार-बार मीटिंग का समय तय किया जाता है, लेकिन ऐन मौके पर तारीख आगे खिसका दी जाती है।
हाल ही का वाकया साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार ने बातचीत के लिए तीसरी बार 17 सितंबर की तारीख मुकर्रर की थी, लेकिन ठीक वक्त पर इसे बदलकर 24 सितंबर कर दिया गया। यूनियन का साफ तौर पर कहना है कि सरकार जानबूझकर बैठकों का नाटक कर रही है ताकि उनकी मांगों का समाधान टलता रहे और उनका कीमती समय बर्बाद हो।
18 सितंबर को चंडीगढ़ में पोल खोल प्रेस कॉन्फ्रेंस, डिपो स्तर पर होगी गोलबंदी
हड़ताल के इस बड़े कदम से पहले यूनियन ने सरकार की नीतियों को बेनकाब करने की पूरी तैयारी कर ली है। तय रणनीति के तहत 18 सितंबर को चंडीगढ़ में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी, जिसमें सरकार की जनविरोधी और मुलाजिम विरोधी नीतियों का पर्दाफाश किया जाएगा।
इसके तुरंत बाद, यानी 19 और 20 सितंबर को राज्यभर के सभी डिपो में कमेटियों की अहम बैठकें बुलाई जाएंगी। इन बैठकों के जरिए डिपो स्तर पर तमाम कच्चे कर्मचारियों को एकजुट किया जाएगा और पक्के धरनों की रूपरेखा तैयार की जाएगी ताकि 22 सितंबर से शुरू होने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल को पूरी ताकत से अमलीजामा पहनाया जा सके।
