Jaipur news: जयपुर के कपड़ा बाजार में फायर सेफ्टी की खुली पोल, हाइड्रेंट में भरे मिले नींबू-मिर्च
हाइड्रेंट में पानी की जगह नींबू-मिर्च
Jaipur news: जयपुर के सबसे बड़े कपड़ा बाजार में लगी आग के बाद फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। शुक्रवार को राज्य मानवाधिकार आयोग की टीम बाजार में जांच के लिए पहुंची, जहां आयोग अध्यक्ष और पूर्व न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी को आग वाली जगह के पास एक हाइड्रेंट पॉइंट मिला। यह हाइड्रेंट चालू हालत में नहीं था और उसमें आग बुझाने वाली पाइप की जगह नींबू-मिर्च भरी मिली। हाइड्रेंट आग लगने की स्थिति में दमकलकर्मियों को पानी उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था का हिस्सा होता है। भीड़भाड़ वाले कपड़ा बाजार में इसके काम नहीं करने पर आयोग अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) देवेंद्र मीणा से व्यवस्था की जांच को लेकर सवाल किए।
जांच के दौरान जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने CFO देवेंद्र मीणा से पूछा कि इतने भीड़भाड़ वाले बाजार में लगे फायर फाइटिंग सिस्टम की आखिरी बार जांच कब की गई थी। इस पर मीणा ने बताया कि साल 2023 में आवेदन मिला था और आवेदन आने पर अग्निशमन विभाग की टीम जांच करती है। आयोग अध्यक्ष ने इसके बाद सीधे हाइड्रेंट की स्थिति पर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या अग्निशमन विभाग ने कभी इस हाइड्रेंट को चालू हालत में देखा है और क्या इसकी जांच की गई कि सिस्टम वास्तव में काम कर रहा है या नहीं।
200 मीटर दूर सरकारी हाइड्रेंट भी बंद
CFO देवेंद्र मीणा ने बताया कि मौके पर मिला हाइड्रेंट संबंधित बिल्डिंग का प्राइवेट हाइड्रेंट पॉइंट है। इसके बाद जस्टिस मूलचंदानी ने नगर निगम के हाइड्रेंट की दूरी के बारे में पूछा। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि कटले के बाहर दूसरी तरफ करीब 200 मीटर की दूरी पर नगर निगम का हाइड्रेंट है। हालांकि टेंडर नहीं होने के कारण वह भी चालू नहीं है। इस पर आयोग अध्यक्ष ने कहा कि हाइड्रेंट चालू नहीं है तो 200 मीटर ही नहीं, 2 मीटर की दूरी पर होने से भी उसका कोई फायदा नहीं होगा।
जस्टिस मूलचंदानी ने कहा कि आग लगने की स्थिति में दमकल की गाड़ियों को पानी भरने के लिए घाटगेट तक जाना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बाजार के इसी हिस्से में आग लग जाए तो दमकल की तत्काल पानी की जरूरत कैसे पूरी होगी। उन्होंने कहा कि इतना संकरा और भीड़भाड़ वाला बाजार होने के कारण यहां दमकल के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। बाजार में आग लगने पर संकरी गलियां और भीड़ राहत एवं बचाव अभियान को मुश्किल बना सकती हैं।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में लगाए गए थे 14 हाइड्रेंट
CFO देवेंद्र मीणा ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कटले के आसपास हाइड्रेंट सिस्टम लगाया गया था। घाटगेट से करीब 8 किलोमीटर के क्षेत्र में कुल 14 हाइड्रेंट लगाए गए हैं। आयोग अध्यक्ष ने पूछा कि क्या अग्निशमन विभाग ने इस हाइड्रेंट सिस्टम को दोबारा चालू कराने के लिए कोई प्रस्ताव दिया था। इस पर CFO ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के समय अधिकारियों की ओर से व्यवस्था को यथावत लागू करने के निर्देश दिए गए थे। देवेंद्र मीणा ने इस संबंध में एक रिपोर्ट भी आयोग अध्यक्ष को दिखाई। जांच के दौरान सामने आई हाइड्रेंट व्यवस्था की स्थिति ने बाजार की फायर सेफ्टी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
