Sonipat Crime News: सोनीपत में UHBVN का ALM 2 लाख की रिश्वत लेते अरेस्ट, ACB की बड़ी रेड
सोनीपत में UHBVN का ALM 2 लाख की रिश्वत लेते अरेस्ट, ACB की बड़ी रेड
Sonipat Crime News: सोनीपत जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (UHBVN Sonipat News) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकंजा कसते हुए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एक कर्मचारी को रंगे हाथों धर दबोचा है। बहालगढ़ बिजली निगम के तहत कार्यरत एएलएम (ALM Prem Bribe Sonipat) प्रेम को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कर्मचारी पर आरोप है कि उसने गांव दीपालपुर के एक युवक के ट्रे फार्म के लिए बिजली का खंभा और नया मीटर कनेक्शन जारी करने के एवज में कुल 7 लाख रुपये की भारी-भरकम घूस मांगी थी।
5 लाख रुपये पहले ही डकार चुके थे आरोपी, 2 लाख की मांग पर बिछाया गया ट्रैप
शिकायतकर्ता युवक के मुताबिक, बिजली कनेक्शन की फाइल पास कराने और पोल लगवाने के नाम पर आरोपी कर्मचारी 5 लाख रुपये की रकम पहले ही ले चुके थे। (Haryana Anti Corruption Bureau Action) इसके बावजूद जब बाकी बचा काम अटका कर रखा गया और दोबारा 2 लाख रुपये की मांग की गई, तो पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर एंटी करप्शन ब्यूरो सोनीपत यूनिट में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत मिलते ही एसीबी की टीम ने मामले का सत्यापन किया और आरोपी को दबोचने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की।
एसीबी ने रंगे हाथों दबोचा, कोर्ट से मांगी जाएगी 5 दिन की रिमांड
योजना के मुताबिक, जैसे ही पीड़ित ने 2 लाख रुपये की रकम एएलएम प्रेम के हाथ में थमाई, आसपास सादे कपड़ों में पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया। एसीबी के डीएसपी राहुल देव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Bahalgarh Electricity Office Bribe) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसीबी टीम अब आरोपी को अदालत में पेश कर 5 दिन की पुलिस रिमांड हासिल करने की तैयारी में है, ताकि पहले लिए गए 5 लाख रुपये की बरामदगी की जा सके।
बहालगढ़ दफ्तर के क्लर्क समेत कई अन्य कर्मचारी भी जांच के दायरे में
इस हाई-प्रोफाइल रिश्वत कांड के तार बिजली निगम के कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जुड़ते दिख रहे हैं। (Dipalpur Sonipat News) एसीबी डीएसपी राहुल देव के अनुसार, प्राथमिक जांच में UHBVN बहालगढ़ कार्यालय के एक क्लर्क और एक अन्य कर्मचारी की संदिग्ध भूमिका सामने आई है। पुलिस रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की जाएगी, जिससे यह साफ हो सकेगा कि 7 लाख रुपये की रिश्वत के इस बड़े खेल में विभाग के कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भागीदार थे।
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