Punjab Food Adulteration: पंजाब में मिलावट पर बड़ी कार्रवाई, 43 फीसदी सैंपल फेल; त्योहारों से पहले जांच तेज
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Punjab Food Adulteration: पंजाब में खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब गुणवत्ता की जांच लगातार जारी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच राज्य में कुल 32,928 खाद्य सैंपल लिए गए, जिनमें 5,491 मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन आंकड़ों के मुताबिक करीब 16.67 फीसदी सैंपल जांच में फेल हुए। वर्ष 2025-26 में 7,809 सैंपल लिए गए और इनमें 1,031 मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसी अवधि में 723 मामलों में जुर्माना लगाया गया, जबकि 25 मामलों में सजा हुई। वर्ष 2024-25 में 4,131 सैंपल लिए गए थे, जिनमें 748 फेल हुए। इनमें 333 मामलों में जुर्माना और आठ मामलों में सजा हुई। वर्ष 2023-24 में 6,041 सैंपलों में 929 फेल मिले, जबकि 2022-23 में 8,179 में से 1,724 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे।
दूध से बने उत्पादों में पनीर की गुणवत्ता सबसे ज्यादा चिंता पैदा कर रही है। पिछले साल जारी आंकड़ों के अनुसार पंजाब में पनीर के 2,340 सैंपल लिए गए थे, जिनमें 1,027 यानी करीब 43 फीसदी सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 7.09 फीसदी सैंपल सेहत के लिए असुरक्षित पाए गए। जांच के दौरान पनीर में खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल का मामला भी सामने आया। विभाग ने इस संबंध में 589 मामले दर्ज किए। देसी घी की जांच में भी स्थिति सामान्य नहीं रही। इसके 1,160 सैंपल लिए गए थे, जिनमें 183 फेल हुए। इनमें 9.83 फीसदी सैंपल असुरक्षित पाए गए और 73 मामले दर्ज किए गए।
दूध के 700 सैंपल फेल, 11 असुरक्षित
दूध की गुणवत्ता को लेकर भी पिछले तीन वर्षों के आंकड़े चिंता बढ़ाते हैं। इस अवधि में दूध के 2,559 सैंपल लिए गए, जिनमें 700 मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 11 सैंपल सेहत के लिए खतरनाक पाए गए। विभाग ने इस मामले में 467 केस दर्ज किए हैं। दूध और इससे बने उत्पादों की रोजाना खपत को देखते हुए इन जांचों का सीधा असर आम लोगों की खाद्य सुरक्षा से जुड़ता है। त्योहारी सीजन में दूध, पनीर, खोया, देसी घी और मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ती है। इसी दौरान मिलावटी या घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद बाजार में पहुंचने की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने पंजाब के कई जिलों में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। बठिंडा, जालंधर, कपूरथला, अमृतसर और फिरोजपुर में हाल के दिनों में कार्रवाई हुई है। विभाग की टीमें मिठाई की दुकानों, डेयरियों, बेकरी यूनिटों, सब्जी मंडियों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रही हैं।
जालंधर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में चार क्विंटल पनीर जब्त किया। टीम ने नाकाबंदी के दौरान वाहनों की जांच की और दो अलग-अलग स्थानों से पनीर बरामद किया। इसके सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इसके अलावा किशनपुरा, रामा मंडी और जालंधर छावनी क्षेत्र में भी कार्रवाई हुई। यहां से 75 किलो पनीर सीज किया गया। अमृतसर के मजीठा क्षेत्र में दो डेयरियों से करीब 70 किलो पनीर जब्त किया गया। दोनों डेयरियों से लिए गए सैंपल स्टेट फूड लैब खरड़ भेजे गए हैं। तीन सितंबर को छेहरटा और ग्वाल मंडी क्षेत्र में भी दूध और पनीर के पांच सैंपल लिए गए थे। फिरोजपुर के जीरा, मक्खू और मल्लांवाला में जांच के दौरान करीब 140 किलो संदिग्ध पनीर मिला। टीम ने पनीर का सैंपल लिया और बाकी माल को कानूनी कार्रवाई पूरी होने तक डीप फ्रीजर में सीज कर दिया।
बठिंडा में 50 किलो मिठाई नष्ट, नौ दुकानदारों को नोटिस
बठिंडा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 15 प्रतिष्ठानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान करीब 50 किलो मिठाई नष्ट कराई गई, जबकि नियमों में कमियां मिलने पर नौ प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए। एक प्रतिष्ठान के खिलाफ हाइजीन संबंधी चालान भी किया गया। टीम ने शहर के अलावा नथाना, मौड़ और गोइंदवाला ब्लॉक में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। कपूरथला के फगवाड़ा क्षेत्र में पांच प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इनमें तीन मिठाई की दुकानें और दो बेकरी यूनिट शामिल थीं। अस्वच्छ हालात मिलने पर एक चालान किया गया और नियमों में कमियों को लेकर दो नोटिस जारी किए गए।
खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए विभाग फूड सेफ्टी ऑन व्हील मोबाइल टेस्टिंग वैन का इस्तेमाल कर रहा है। इन वैन में दूध, पनीर, मसालों और रोजाना इस्तेमाल होने वाली अन्य खाद्य वस्तुओं की 150 से अधिक मानकों पर जांच की सुविधा उपलब्ध है। लोग भी इन मोबाइल वैन में अपने खाद्य पदार्थों की जांच करवा सकते हैं। एफएसएसएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से खाद्य पदार्थों की नियमित निगरानी और जांच की जाती है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि लोगों को खाद्य पदार्थों की जांच जरूर करवानी चाहिए, ताकि मिलावट का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान चला रही है।
