Asian Games Hockey: रोहतक की बेटी दीपिका का एशियन गेम्स में धमाका, उज्बेकिस्तान के खिलाफ अकेले दागे 8 गोल
रोहतक की बेटी दीपिका का एशियन गेम्स में धमाका, उज्बेकिस्तान के खिलाफ अकेले दागे 8 गोल
Asian Games Hockey: चीन में खेले जा रहे एशियन गेम्स से भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे हरियाणा को जश्न में डुबो दिया है। रोहतक जिले के छोटे से गांव भैंसरू खुर्द (Deepika Sehrawat Bhainsru Khurd) की धाकड़ बेटी दीपिका सहरावत (Deepika Sehrawat Rohtak) ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में ऐसा कोहराम मचाया कि विपक्षी टीम के होश उड़ गए। दीपिका ने अपनी आक्रामक हॉकी और सूझबूझ का नजारा पेश करते हुए अकेले ही मैदान पर 8 गोल दाग डाले। एक ही अंतरराष्ट्रीय मैच में 8 गोल करने की इस करिश्माई उपलब्धि ने न केवल भारत को बड़ी जीत दिलाई, बल्कि एक नया विश्व रिकॉर्ड भी कायम कर दिया है।
‘लाडो न्यूए गोलां का मीह बरसाती रह’: मुख्यमंत्री ने हरियाणवी अंदाज में सराहा
रोहतक की लाडली के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की गूंज चंडीगढ़ तक सुनाई दी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (CM Nayab Saini Tweet Deepika) पर ठेठ हरियाणवी अंदाज में पोस्ट शेयर कर दीपिका को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने लिखा, “रोहतक की धाकड़ बेटी दीपिका नै एशियन गेम्स म्ह दे दना-दन, दे दना-दन 8 गोल करकै बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड। (Haryana Hockey Player World Record) लाडो नै घणी-घणी बधाई अर आग्गै के मैचां खातर ढेर सारी शुभकामनाएं। मैदान म्ह न्यूए गोलां का मीह सा बरसाती रह, म्हारी लाडो।” सीएम की इस खास बधाई के बाद दीपिका के गांव में जश्न का माहौल और दोगुना हो गया।
चुनौतियों से तपकर निखरी दीपिका, परिजनों का सिर गर्व से ऊंचा
मैदान पर दीपिका के इस तूफानी प्रदर्शन के बाद भैंसरू खुर्द गांव में उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। दीपिका के पिता जगदीश सहरावत और भाई प्रवेश सहरावत ने कहा कि बेटी की इस कामयाबी ने उनकी वर्षों की तपस्या को सफल कर दिया है। परिजनों ने बताया कि गांव से निकलकर भारतीय टीम के इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। अभ्यास के दौरान दीपिका ने कई सुविधाओं की कमी और शारीरिक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी। परिवार हर कदम पर ढाल बनकर खड़ा रहा और उसी कड़ी मेहनत का नतीजा आज दुनिया के सामने है।
व्यक्तिगत रिकॉर्ड तो शुरुआत, अब भारत को गोल्ड दिलाना असली मकसद
मैच के बाद परिजनों से फोन पर हुई बातचीत में दीपिका ने अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दीं। दीपिका ने बताया कि उज्बेकिस्तान के खिलाफ 8 गोल करने से उनका आत्मविश्वास जरूर बढ़ा है, लेकिन उनका असली लक्ष्य सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना नहीं है। उनका सबसे बड़ा सपना भारतीय महिला हॉकी टीम को एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक (Asian Games India Gold Medal Mission) दिलाना है। दीपिका ने अपनी इस स्वर्णिम सफलता का श्रेय अपने कोच, टीम साथियों के तालमेल और परिवार के अटूट विश्वास को दिया। परिवार को भी पूरा भरोसा है कि दीपिका की यह फॉर्म आगे भी जारी रहेगी और वह देश की झोली में गोल्ड डालकर ही वतन लौटेगी।
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