चंडीगढ़ निगम सदन में आज वेंडिंग जोन से मुफ्त पानी तक चर्चा, जानिए बैठक के प्रमुख प्रस्ताव; कई अहम प्रस्तावों पर भी चर्चा
चंडीगढ़ नगर निगम हाउस की बैठक शुरू
Chandigarh House Meeting: चंडीगढ़ नगर निगम सदन की बैठक मंगलवार को शुरू हो गई है। बैठक में सप्लीमेंट्री एजेंडे के तहत सेक्टर-52 और सेक्टर-53 के वेंडिंग जोन से जुड़ी निरीक्षण रिपोर्ट रखी जाएगी। यह सप्लीमेंट्री एजेंडे का एकमात्र प्रस्ताव है। मेयर ने 16 सितंबर को नगर निगम के संयुक्त आयुक्त-1 के साथ सेक्टर-53 वेंडिंग जोन का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान मौके पर पानी की टंकी और शौचालय की सुविधा मिली, लेकिन वहां एक भी स्ट्रीट वेंडर मौजूद नहीं था। वेंडिंग जोन तक जाने वाले रास्ते और आसपास की सड़कों पर घास और झाड़ियां उगी हुई मिलीं।
नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार, सेक्टर-53 में वेंडिंग के लिए कुल 524 साइट संभव हैं। इनमें से 329 साइट आवंटित की जा चुकी हैं। वहीं सेक्टर-52 में वेंडिंग के लिए 64 साइट संभव हैं और सभी 64 साइट आवंटित हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सेक्टर-52 और सेक्टर-53 में आवंटित साइटों से किसी दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने को लेकर वेंडरों की ओर से नगर निगम को कई संयुक्त प्रतिनिधित्व और शिकायतें मिली हैं। सदन में निरीक्षण रिपोर्ट रखे जाने के बाद इन व्यवस्थाओं और वेंडिंग जोन की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हो सकती है।
320 पब्लिक टॉयलेट ब्लॉक पर विज्ञापन की अंतरिम अनुमति
बैठक में 320 पब्लिक टॉयलेट ब्लॉक, 144 कनेक्टिंग पैसेज और 62 साइकिल डॉकिंग स्टेशन साइट पर विज्ञापन प्रदर्शित करने से जुड़ा प्रस्ताव भी आएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक इन स्थानों पर मासिक भुगतान के आधार पर विज्ञापन की अंतरिम अनुमति देने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव के जरिए टेंडर फाइनल होने तक इन सार्वजनिक परिसंपत्तियों पर विज्ञापन से जुड़े संचालन की व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। सदन प्रस्ताव के प्रावधानों पर चर्चा करेगा। नगर निगम के सभी कम्युनिटी सेंटरों का नाम बदलकर ‘जनउपयोगी केंद्र’ करने का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में है। शहर के अलग-अलग सेक्टरों में मौजूद कम्युनिटी सेंटर स्थानीय निवासियों के सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल होते हैं। इसके साथ ही भोग और रस्म पगड़ी समारोह के लिए कम्युनिटी सेंटरों की निशुल्क बुकिंग की सुविधा देने का प्रस्ताव भी सदन में आएगा। प्रस्ताव पारित होने की स्थिति में ऐसे आयोजनों के लिए बुकिंग व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।
नगर निगम चंडीगढ़ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज-2026 लागू करने का प्रस्ताव भी सदन के सामने रखेगा। यह प्रस्ताव सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के अनुरूप तैयार किया गया है। शहर में कचरे के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और निपटान से जुड़ी व्यवस्था को लेकर यह प्रस्ताव अहम है। इसके साथ गैर-एमओयू क्षेत्रों में अलग-अलग कचरा संग्रहण की व्यवस्था का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। नगर निगम के एजेंडे में अटावा, बड़हेड़ी, बुटरेला, बुरैल, सेक्टर-63, मलोया गांव, ईडब्ल्यूएस कॉलोनी मलोया, पलसोरा, डड्डूमाजरा गांव और कजेहड़ी समेत गैर-एमओयू क्षेत्रों में अलग-अलग कचरा संग्रहण का प्रस्ताव शामिल है। इन क्षेत्रों में कचरा संग्रहण की व्यवस्था को लेकर अलग प्रबंधन का प्रस्ताव सदन के सामने रखा जाएगा। इसका सीधा संबंध शहर में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने और आगे उसके प्रसंस्करण से है।
सेक्टर-25 के ड्राई वेस्ट प्लांट के लिए एजेंसी का चयन
सेक्टर-25 स्थित 200 टीपीडी क्षमता वाले ड्राई वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट से जुड़ा प्रस्ताव भी बैठक में आएगा। इसमें सूखे और मिश्रित कचरे के प्रसंस्करण के लिए एजेंसी के चयन का प्रस्ताव रखा जाएगा। प्लांट की क्षमता के अनुरूप एजेंसी के चयन से शहर से निकलने वाले सूखे और मिश्रित कचरे के प्रसंस्करण की व्यवस्था जुड़ी हुई है। सदन में एजेंसी चयन संबंधी प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
फैदां ड्रेन के लिए इन-सिटू वेस्टवाटर ट्रीटमेंट सिस्टम से जुड़ा प्रस्ताव भी एजेंडे में है। इसमें सिस्टम के डिजाइन, निर्माण, स्थापना, कमीशनिंग, संचालन और रखरखाव के लिए आरएफपी को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत फैदां ड्रेन के पानी के उपचार के लिए मौके पर ही ट्रीटमेंट सिस्टम विकसित करने की योजना पर सदन में चर्चा होगी। प्रस्ताव में इसके निर्माण से लेकर संचालन और रखरखाव तक की जिम्मेदारियों का ढांचा शामिल है।
22 मिल्क बूथ साइटों के नए सिरे से आवंटन का प्रस्ताव
नगर निगम 22 मिल्क बूथ साइटों को नए सिरे से आवंटित करने का प्रस्ताव भी लेकर आएगा। इनमें 11 साइट वेरका और 11 साइट विटालेंट को देने का प्रस्ताव है। सदन में साइट आवंटन की प्रक्रिया और संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा होगी। शहर में मिल्क बूथों के लिए निर्धारित इन 22 साइटों के आवंटन को लेकर नगर निगम की योजना एजेंडे में शामिल की गई है। मीट, मछली, पोल्ट्री शॉप और कमर्शियल फूड एस्टेब्लिशमेंट के नियमन, नियंत्रण और निरीक्षण से जुड़े नगर निगम बायलॉज-2026 को अंतिम मंजूरी देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इन बायलॉज के जरिए संबंधित प्रतिष्ठानों के नियमन और निरीक्षण की व्यवस्था तय करने का प्रस्ताव है। सदन में अंतिम मंजूरी से पहले इसके प्रावधानों पर चर्चा की जाएगी। नगर निगम सेक्टर-56 की वी-5 सड़क पर फुटपाथ के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव भी रखेगा। यहां 60 एमएम मोटे पेवर ब्लॉक का इस्तेमाल करने की योजना है। इसके अलावा सेक्टर-46 की वी-4 सड़क पर मौजूदा पेवर ब्लॉक की मरम्मत का काम भी एजेंडे में शामिल है। दोनों कार्यों से संबंधित प्रस्ताव पर सदन में विचार किया जाएगा।
20 हजार लीटर मुफ्त पानी के प्रस्ताव पर मिलेगा लिखित जवाब
वार्ड-29 के पार्षद मुन्नवर की ओर से चंडीगढ़ के घरों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने संबंधी नगर निगम सदन के प्रस्ताव पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी भी बैठक में रखी जाएगी। यह प्रस्ताव शहर के घरेलू उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ा हुआ है। सदन में अब तक की कार्रवाई और संबंधित विभागों की स्थिति की जानकारी लिखित रूप में दिए जाने का प्रस्ताव है।
वार्ड डेवलपमेंट फंड के तहत CCTV कैमरे लगाने के लिए नीति तैयार करने का प्रस्ताव भी सदन में रखा जाएगा। इसमें वार्ड स्तर पर विकास निधि के इस्तेमाल से CCTV लगाने के लिए एक नीति ढांचा तैयार करने की बात है। यदि प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो वार्ड डेवलपमेंट फंड के तहत CCTV परियोजनाओं को लेकर प्रक्रिया और मानदंड तय किए जा सकेंगे। सदन में इस नीति प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
तालाबों के रीजुवेनेशन और धोबी घाटों पर भी प्रस्ताव
नगर निगम के चयनित तालाबों को इन-सिटू रीजुवेनेट करने के लिए प्री-सीडेड आईएफएएस, बायोरेमेडिएशन और अल्ट्रा फिल्ट्रेशन तकनीक के इस्तेमाल का प्रस्ताव भी एजेंडे में है। इसमें टर्शियरी ट्रीटेड रिसाइकल्ड वाटर के माध्यम से तालाबों के रीजुवेनेशन की योजना पर चर्चा होगी। इसके साथ चंडीगढ़ के नगर निगम धोबी घाटों में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव भी आएगा। इसमें प्लांट के लिए आरएफपी जारी करने, जांच, कमीशनिंग और व्यापक संचालन एवं रखरखाव से जुड़ी प्रक्रिया शामिल है।
नगर निगम के विभिन्न बाजार क्षेत्रों में डेकोरेटिव पोल और लाइट फिक्स्चर लगाने से जुड़ा प्रस्ताव भी सदन के सामने रखा जाएगा। इसके तहत डिजाइन, स्पेसिफिकेशन, मार्केट रेट और नीति फ्रेमवर्क तय करने का प्रस्ताव है। बाजार क्षेत्रों में सजावटी पोल और लाइट फिक्स्चर लगाने से पहले इनके डिजाइन और लागत से जुड़े मानदंड तय किए जाएंगे। बैठक में प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर पार्षद चर्चा कर सकते हैं।
