Kurukshetra News: धान खरीद पर कुरुक्षेत्र में संग्राम, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, वाटर कैनन चलने के बाद भी किसानों ने जीटी रोड किया जाम
धान खरीद पर कुरुक्षेत्र में संग्राम, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, वाटर कैनन चलने के बाद भी किसानों ने जीटी रोड किया जाम
Kurukshetra News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धान की सरकारी खरीद समय पर शुरू न होने से भड़का किसानों का गुस्सा मंगलवार को सड़कों पर उबल पड़ा। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत जब भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के कार्यकर्ताओं ने जीटी रोड की तरफ बढ़ना शुरू किया, तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बराड़ा रोड पर भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। जैसे ही किसान आगे बढ़े, पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछारें) का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले दागे। हालांकि, इस भारी पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद किसानों का जत्था फ्लाईओवर पर पहुंचने में कामयाब रहा और दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूरी तरह जाम लगा दिया।
DC के साथ बेनतीजा रही वार्ता, फिर सड़क पर उतरे किसान
मामले की शुरुआत 16 सितंबर को शाहाबाद अनाज मंडी में हुई किसानों की महापंचायत से हुई थी। वहां पहुंचे कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के सामने किसानों ने स्पष्ट किया था कि मंडियों में धान की आवक तेजी से शुरू हो चुकी है, इसलिए खरीद की तारीख 1 अक्टूबर से घटाकर 20 सितंबर की जाए। उस समय प्रशासन ने भरोसा दिलाया था कि राज्य सरकार ने केंद्र से जल्द खरीद शुरू कराने की सिफारिश की है। लेकिन 20 सितंबर की समयसीमा बीत जाने के बाद जब खरीद शुरू नहीं हुई, तो किसानों ने 22 सितंबर को जीटी रोड जाम करने की अपनी चेतावनी पर अमल कर दिया। मंगलवार को भी वार्ता का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बनी।
‘सरकार किसानों को पिटवाना चाहती है’ – गुरनाम सिंह चढ़ूनी का तीखा हमला
किसानों का नेतृत्व कर रहे बीकेयू प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, “यह सब कुछ बेईमान अधिकारियों की हठधर्मिता की वजह से हो रहा है। सरकार चाहती है कि किसान सड़कों पर पिटें और उनकी बदनामी हो। ऐसे जनविरोधी अफसरों को तुरंत हरियाणा से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए।” चढ़ूनी ने आगे कहा कि पुलिस हाईवे पर लाठियां तानकर खड़ी है, लेकिन किसान अपनी जायज मांगों के लिए पुलिस की लाठियां खाने से भी पीछे नहीं हटने वाले।
‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल खुला, पर किसान मांग रहे तुरंत खरीद
दूसरी ओर, स्थिति को संभालने और छूटे हुए किसानों को मौका देने के लिए सरकार ने ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल को 21 से 27 सितंबर तक के लिए दोबारा खोल दिया है। किसान अब 27 सितंबर तक अपनी फसल का पंजीकरण करा सकते हैं। हालांकि, किसान संगठनों का कहना है कि सिर्फ पोर्टल खोलने से समस्या हल नहीं होगी; पंजीकरण, गिरदावरी (वेरिफिकेशन) और मंडी में खरीद की प्रक्रिया के बीच सही तालमेल होना चाहिए ताकि किसानों को हफ्तों मंडी में न बैठना पड़े।
गौरतलब है कि पिछले साल (2025) भी किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार को 1 अक्टूबर के बजाय 22 सितंबर से ही धान की सरकारी खरीद शुरू करनी पड़ी थी, जिसके तहत राज्य में रिकॉर्ड 59.62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। किसान इस बार भी उसी तर्ज पर तुरंत खरीद शुरू करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
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