Narnaul : नारनौल-रेवाड़ी नेशनल हाईवे-11 पर सुराना गांव के पास दो वाहनों की टक्कर, आधे घंटे तक लगा रहा भारी जाम
प्रतीकात्मक फोटो
Narnaul : जिले के नारनौल क्षेत्र में नेशनल हाईवे-11 पर रेवाड़ी रोड स्थित गांव सुराना के पास मंगलवार की रात एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। यहां दो वाहनों की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई।
गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान या किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, टक्कर के ठीक बाद हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और लगभग आधे घंटे तक दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
कट बना हादसों का मुख्य केंद्र
यह हादसा गांव सुराना के पास स्थित एक निजी स्कूल के सामने बने क्रॉसिंग कट पर हुआ। स्थानीय निवासियों और चालकों के अनुसार, यह कट एक खतरनाक पॉइंट बन चुका है क्योंकि यहां कई मार्गों का मिलन होता है।
अंबाला की तरफ से आने वाले वाहन रेवाड़ी की ओर मुड़ते हैं, जबकि रेवाड़ी की तरफ से आने वाले वाहन इसी कट से नांगल चौधरी, जयपुर और नारनौल की तरफ रुख करते हैं। एक ही समय पर कई दिशाओं से वाहनों के आने-जाने के कारण यहां हमेशा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, कड़ी मशक्कत के बाद खुला जाम
हाइवे के बीचों-बीच वाहन टकराने के कारण रेवाड़ी से नारनौल की ओर आने वाले ड्राइवरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देखते ही देखते सड़क के एक हिस्से पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाला। पुलिस ने यातायात को व्यवस्थित कराते हुए आवाजाही सुचारू करवाई, जिसके बाद हाईवे पर ट्रैफिक सामान्य हुआ और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीणों में रोष, सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सुराना गांव के सामने बने इस कट पर पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें पूर्व में कई लोगों की जानें भी जा चुकी हैं। बार-बार दुर्घटनाएं होने के बावजूद प्रशासन की ओर से यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
वाहन चालकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस कट के आसपास चेतावनी बोर्ड (संकेतक), पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और यातायात नियंत्रित करने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय जल्द से जल्द सुनिश्चित किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
यह भी देखें – हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में ड्रोन तकनीक पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू
