डड्डूमाजरा में आयुष शिविर: एनीमिया जांच के साथ गर्भवती महिलाओं को योग की सीख
डड्डूमाजरा में आयुष शिविर: 64 लोगों की एनीमिया जांच
Daddu Majra Ayush Camp: आयुर्वेद दिवस और पोषण माह के तहत चंडीगढ़ प्रशासन के निदेशालय आयुष की ओर से डड्डूमाजरा स्थित कम्पोजिट बिल्डिंग में सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ पोषण, एनीमिया की रोकथाम और योग को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। शिविर में कुल 64 लाभार्थियों की एनीमिया संबंधी जांच की गई। इसके अलावा 54 लोगों को आयुर्वेदिक और 51 लोगों को होम्योपैथिक चिकित्सकों ने परामर्श दिया और जरूरत के अनुसार दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। निदेशक आयुष डॉ. अतुल एन. धकने के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से गर्भावस्था योग की शुरुआत की गई। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित योगाभ्यास के साथ संतुलित आहार, बेहतर दिनचर्या और शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जानकारी दी गई। डॉ. अतुल एन. धकने ने शिविर में पहुंचकर लाभार्थियों से बातचीत की और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
शिविर में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्हें बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह और सुरक्षित अभ्यास जरूरी है। महिलाओं को संतुलित आहार, पर्याप्त पोषण और एनीमिया से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। स्वास्थ्य टीम ने लोगों की जांच कर उनकी जरूरत के अनुसार परामर्श दिया। आयुष विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को समुदाय के स्तर पर समझाने पर जोर रहा। महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।
105 लोगों ने योग और स्वस्थ जीवनशैली कार्यक्रम में लिया हिस्सा
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरि के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद योग एवं स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 105 लोगों ने हिस्सा लिया। आयुष टीम ने लोगों को नियमित योग, बेहतर खान-पान और निवारक स्वास्थ्य उपायों के बारे में जानकारी दी। लोगों को रोजमर्रा की जीवनशैली में स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने और बीमारी से बचाव के लिए जरूरी आदतें अपनाने पर जोर दिया गया। शिविर में 45 लाभार्थियों को गिलोय और अन्य औषधीय पौधे भी वितरित किए गए। इसके साथ ही लोगों को आयुष पद्धतियों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी सलाह और जरूरी सेवाओं की जानकारी दी गई।
शिविर में वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. आरती वर्मा समेत आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सकों ने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया। योग प्रशिक्षकों और आयुष विभाग की टीम ने भी लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार जानकारी साझा की। शिविर में लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ भी दिलाई गई। आयुष विभाग के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय तक निवारक और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना था। विभाग ने बताया कि शिविर के जरिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, एनीमिया से बचाव और योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आयुष पद्धतियों के माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया गया।
