सेक्टर-17 में स्मार्ट पार्किंग की राह साफ, मल्टीलेवल पार्किंग समेत अन्य पेड पार्किंग साइट्स के नए टेंडर को सदन की मंजूरी
सेक्टर-17 में स्मार्ट पार्किंग की राह साफ
Sector 17 Smart Parking: शहर की पार्किंग व्यवस्था को लेकर नगर निगम सदन ने मंगलवार को अहम फैसला लिया। नगर निगम सदन की बैठक में सेक्टर-17 की पार्किंग को स्मार्ट पार्किंग सिस्टम के तहत विकसित करने और मल्टीलेवल पार्किंग समेत अन्य पेड पार्किंग साइट्स के नए सिरे से संचालन के लिए टेंडर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सदन से मंजूरी मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। खास बात यह है कि स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह शुरू होने तक लोगों से मौजूदा पार्किंग दरों के अनुसार ही शुल्क लिया जाएगा। यानी नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू होने या अन्य कोई बदलाव होने तक पार्किंग फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। इससे जहां लोगों को नई सुविधा मिलेगी, वहीं पार्किंग शुल्क में भी राहत मिलेगी।
स्मार्ट पार्किंग प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-17 की पार्किंग व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की योजना है। पार्किंग एंट्री और एग्जिट पर बूम बैरियर लगाए जाएंगे। वाहनों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा डिजिटल टिकटिंग और पीओएस की सुविधा उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है। पार्किंग व्यवस्था की निगरानी के लिए वेब आधारित डैशबोर्ड भी तैयार किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य पार्किंग स्थलों पर वाहनों की आवाजाही, शुल्क वसूली और संचालन की निगरानी को अधिक व्यवस्थित करना है। इससे निगम के पास पार्किंग संचालन से संबंधित जानकारी को डिजिटल तरीके से मॉनिटर करने की सुविधा होगी।
स्मार्ट सिस्टम लगने तक पुरानी फीस ही
पार्किंग फीस को लेकर अभी तक कुछ स्पष्ट था, लेकिन अब यह तय हो गया है कि स्मार्ट पार्किंग प्रणाली लागू होने से पहले मौजूदा शुल्क ही वसूला जाएगा। एजेंडे में स्पष्ट किया गया है कि नई स्मार्ट व्यवस्था के स्थापित और चालू होने तक पुरानी पार्किंग फीस लागू रहेगी। इसका मतलब है कि नए ठेकेदार के आने के बाद भी लोगों पर तुरंत अतिरिक्त पार्किंग शुल्क का बोझ नहीं पड़ेगा। स्मार्ट पार्किंग सिस्टम पूरी तरह तैयार होने के बाद ही नई पार्किंग फीस लागू की जाएगी।
सेक्टर-45 के एसएसके में नहीं गिरेगा बुडै़ल का कूड़ा
नगर निगम की हाउस मीटिंग में बुडैल से निकलने वाले कचरे को सेक्टर-45 स्थित सहज सफाई केंद्र(एसएसके) में न गिराने को लेकर भी चर्चा हुई। इसे लेकर एक एमओयू भी पास किया गया। सेक्टर-45 से पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा कि करीब चार साल की लगातार कोशिश के बाद यह एमओयू हाउस में पास हुआ है। गाबी ने कहा कि इससे सेक्टर-45 और 46 के निवासियों को बुड़ैल से लाकर डाले जाने वाले कचरे से राहत मिलेगी। उनका कहना है कि लंबे समय से बुड़ैल का कचरा सेक्टर-45 और 46 के आसपास गिराया जाता था, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
आरोप लगाकर खुद घिरे पार्षद ढींगरा, सदन से निलंबित
नगर निगम सदन की बैठक में मंगलवार को स्मार्ट पार्किंग के एजेंडे के साथ ही पार्षद योगेश ढींगरा द्वारा भाजपा पार्षदों पर लगाए आरोपों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। पिछले दिनों पत्रकार वार्ता में पांच पार्षदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले ढींगरा से मेयर सौरभ जोशी ने सदन में उनके आरोपों पर सबूत मांगे। मेयर ने ढींगरा की पत्रकार वार्ता की रिकॉर्डिंग भी सदन में चलवाई और उनसे आरोपों से संबंधित तथ्य सदन के सामने रखने को कहा।
ढींगरा ने जवाब में आम आदमी पार्टी की ओर से डीजीपी को दी गई शिकायत पढ़कर सुनाई। उन्होंने भाजपा नेता देविंदर बबला से संबंधित एक ऑडियो का उल्लेख किया और भाजपा पार्षद गुरबख्श रावत और उनके पति का नाम भी लिया। हालांकि पत्रकार वार्ता में जिन पांच पार्षदों पर आरोप लगाए गए थे, ढींगरा सदन में उन सभी के नाम और आरोपों के समर्थन में संबंधित सबूत पेश नहीं कर सके। भाजपा पार्षदों ने बिना प्रमाण गंभीर आरोप लगाने का विरोध किया। पार्षद गुरबख्श रावत ने ढींगरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने अपने पति पर लगाए गए आरोपों को लेकर भी ढींगरा से जवाब मांगा।
इसके बाद मेयर ने योगेश ढींगरा को सदन से निलंबित करने का प्रस्ताव वोटिंग के लिए रखा। भाजपा पार्षदों ने हाथ खड़े कर प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद ढींगरा को सदन से निष्कासित करने और उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने का फैसला लिया गया।
योगेश ढींगरा ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया था कि गुरबख्श रावत के पति के साथ एक ठेकेदार ने कथित तौर पर हाथापाई की और उन्हें थप्पड़ मारा। ढींगरा ने दावा किया था कि विवाद 25 लाख रुपये से जुड़ा था और डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में प्रस्तावित प्लांट से संबंधित टेबल एजेंडा पास कराने को लेकर रकम के लेन-देन का आरोप लगाया था। ढींगरा ने कहा था कि इस मामले में शिकायत दी गई है और पुलिस जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। हालांकि वह इन आरोपों को लेकर कोई सबूत नहीं दिखा सके। इसके बाद उन्हें सदन से निलंबित कर दिया गया।
